भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi और US के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के बीच हुई बातचीत को लेकर पूर्व भारतीय राजनयिक Gurjit Singh ने अहम जानकारी साझा की है। इस बातचीत से यह संकेत मिलता है कि अमेरिका पश्चिम एशिया के संकट में भारत को साथ लेकर चलना चाहता है। इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव और सुरक्षा चुनौतियों के बीच दोनों नेताओं के बीच हुई यह चर्चा काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

बातचीत में किन मुद्दों को दी गई प्राथमिकता?

इस फोन कॉल के दौरान ऊर्जा बुनियादी ढांचे और समुद्री रास्तों की सुरक्षा पर मुख्य रूप से बात की गई। पूर्व राजनयिक Gurjit Singh के अनुसार, अमेरिका भारत को पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों में एक जरूरी हिस्सेदार मानता है। चर्चा के दौरान जिन बिंदुओं पर ध्यान दिया गया वह नीचे दिए गए हैं:

  • Strait of Hormuz को खुला और सुरक्षित रखना ताकि व्यापार प्रभावित न हो।
  • क्षेत्र में तनाव को कम करने और शांति बहाली के लिए डिप्लोमेसी का उपयोग।
  • ऊर्जा सप्लाई चेन और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमलों को रोकना।
  • भारत की आर्थिक स्थिरता और क्षेत्रीय सुरक्षा में बढ़ती भूमिका।

भारतीय प्रवासियों और सुरक्षा पर सरकार का रुख

भारत सरकार के लिए पश्चिम एशिया में रहने वाले लाखों भारतीयों की सुरक्षा सबसे ऊपर है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने बताया कि सरकार वहां के हालात पर हर पल नजर रखे हुए है। प्रधानमंत्री Modi ने खुद लोक सभा में इस बात का जिक्र किया कि इस संघर्ष का भारत की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा पर सीधा असर पड़ सकता है। सरकार ने 28 फरवरी 2026 से अब तक 4 लाख से ज्यादा भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने या उनकी यात्रा में मदद करने का काम किया है। पश्चिम एशिया में रहने वाले प्रवासियों की भलाई के लिए राष्ट्रीय एकता और कूटनीति पर जोर दिया जा रहा है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com