प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 मई से 20 मई 2026 तक पांच देशों के अहम दौरे पर जा रहे हैं। इस यात्रा में UAE, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली शामिल हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) ने 11 मई को इस दौरे की जानकारी दी है। दुनिया में चल रहे ऊर्जा संकट और अस्थिर हालातों के बीच इस दौरे का मुख्य मकसद भारत के आर्थिक हितों को सुरक्षित करना है।

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UAE दौरे का मकसद और प्रवासियों के लिए क्या है खास

पीएम मोदी UAE में राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे। इस बैठक में दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग और ग्लोबल मुद्दों पर चर्चा होगी। खास तौर पर UAE में रहने वाले करीब 45 लाख भारतीय प्रवासियों की भलाई और उनके हितों पर बात की जाएगी। बता दें कि UAE भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और निवेश के मामले में सातवें नंबर पर आता है।

यूरोपीय देशों की यात्रा और किन मुद्दों पर होगी बात

यूरोप के दौरे में पीएम मोदी कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत करेंगे, जिसकी जानकारी नीचे दी गई है:

  • नीदरलैंड (15-17 मई): यहाँ पीएम मोदी प्रधानमंत्री रॉब जेटन और राजा-रानी से मिलेंगे। चर्चा मुख्य रूप से रक्षा, सुरक्षा, इनोवेशन, ग्रीन हाइड्रोजन और सेमीकंडक्टर्स पर केंद्रित होगी।
  • स्वीडन (17-18 मई): पीएम मोदी प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टेरसोन से मिलेंगे। यहाँ व्यापार बढ़ाने, AI और डिफेंस पर बात होगी। साथ ही वे ‘यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री’ को संबोधित करेंगे।
  • नॉर्वे (18-19 मई): 43 साल बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री नॉर्वे जा रहा है। यहाँ तीसरे ‘इंडिया-नॉर्डिक समिट’ में ट्रेड और ब्लू इकोनॉमी पर चर्चा होगी।
  • इटली (19-20 मई): यहाँ पीएम जॉर्जिया मेलोनी और राष्ट्रपति सर्जियो मात्तरेला के साथ ‘जॉइंट स्ट्रेटेजिक एक्शन प्लान 2025-2029’ के तहत व्यापार और स्वच्छ ऊर्जा पर बात होगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

पीएम मोदी का पांच देशों का दौरा कब से कब तक है

यह दौरा 15 मई से 20 मई 2026 तक होगा, जिसमें UAE, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की यात्राएं शामिल हैं।

इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या है

इस यात्रा का मकसद ग्लोबल ऊर्जा संकट के बीच भारत की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना, व्यापार बढ़ाना और विभिन्न देशों के साथ रक्षा और तकनीक में साझेदारी मजबूत करना है।