फ्रांस के एवियन में हो रही G7 समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक गंभीर मुद्दा उठाया है. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदगी में उन भारतीय नाविकों की मौत पर गहरी चिंता जताई, जो हाल ही में अमेरिकी सैन्य हमलों में मारे गए थे. पीएम मोदी ने साफ कहा कि समुद्र में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा पूरी दुनिया की जिम्मेदारी है.

अमेरिकी हमलों में गई भारतीय नाविकों की जान

यह पूरा मामला 8 जून से 11 जून 2026 के बीच का है. Strait of Hormuz (हॉर्मुज जलडमरूमध्य) में अमेरिकी सेना ने कुछ जहाजों पर हमले किए थे. इन हमलों में कम से कम तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई. जानकारी के मुताबिक, इस घटना में 8 जून को Marivex, 10 जून को Palau-फ्लैग वाले तेल टैंकर MT Settebello और 11 जून को Jalveer नाम के जहाजों पर कार्रवाई की गई थी.

भारत ने जताया कड़ा विरोध

भारतीय सरकार ने अमेरिकी नौसेना द्वारा किए गए इन मिसाइल हमलों का कड़ा विरोध किया है. इस मामले में भारत ने एक वरिष्ठ अमेरिकी राजनयिक को बुलाकर अपनी नाराजगी जाहिर की और इस घटना पर कड़ा असंतोष जताया.

अमेरिका ने अपनी कार्रवाई को बताया सही

वहीं अमेरिका ने अपने इस कदम का बचाव किया है. US Central Command ने कहा कि वे ईरानी तेल पर रोक लगाने के लिए नाकाबंदी कर रहे थे. अमेरिका का दावा है कि सभी कमर्शियल जहाजों को उनके आदेशों का पालन करना होगा और जिन जहाजों ने नाकाबंदी का उल्लंघन करने की कोशिश की, उन्हें रोकने के लिए यह कार्रवाई की गई.

पीएम मोदी ने की सुरक्षित व्यापारिक रास्तों की मांग

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि Strait of Hormuz में होने वाली अस्थिरता का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है. उन्होंने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार रास्तों को सुरक्षित रखा जाना चाहिए ताकि दुनिया भर के नाविक बिना किसी डर के अपनी ड्यूटी पूरी कर सकें.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.