प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 जून से 16 जून 2026 तक स्लोवाकिया के ऐतिहासिक राजकीय दौरे पर रहेंगे। यह पहली बार है जब 1993 में आजादी मिलने के बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री इस देश की यात्रा कर रहा है। वहां रहने वाले भारतीय समुदाय के लोग इस दौरे को लेकर बेहद उत्साहित हैं और इसे भविष्य के लिए एक बड़ा कदम मान रहे हैं।

दौरे का पूरा शेड्यूल और खास मुलाकातें

पीएम मोदी 14 जून को ब्रातिस्लावा पहुंचेंगे। इस दौरे से पहले वह इटली में जी7 शिखर सम्मेलन और फ्रांस की यात्रा पूरी करेंगे। स्लोवाकिया में वह प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ प्रतिनिधि स्तर की बातचीत करेंगे और राष्ट्रपति पीटर पेलग्रिनी से भी मुलाकात करेंगे। विदेश मंत्रालय (MEA) के सचिव (वेस्ट) सिबी जॉर्ज ने इस यात्रा को ऐतिहासिक बताया है।

व्यापार और निवेश पर होगा बड़ा फोकस

इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच राजनीतिक और आर्थिक रिश्तों को मजबूत करना है। स्लोवाकिया के राजदूत रॉबर्ट मैक्सियन के मुताबिक इस दौरे से व्यापार और निवेश में तेजी आएगी। चर्चा के लिए कई मुख्य क्षेत्र तय किए गए हैं जिनमें ये शामिल हैं:

  • ऑटोमोबाइल और रेलवे: मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बात होगी।
  • सुरक्षा और तकनीक: डिफेंस, स्पेस, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल बदलाव पर चर्चा होगी।
  • ऊर्जा: परमाणु ऊर्जा और रिन्यूएबल एनर्जी पर फोकस रहेगा।
  • शिक्षा: स्किल डेवलपमेंट और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया जाएगा।

व्यापार में हुई बड़ी बढ़त

भारत और स्लोवाकिया के बीच व्यापार पिछले कुछ सालों में बहुत तेजी से बढ़ा है। साल 2024 में यह व्यापार 1 बिलियन यूरो को पार कर गया था, जो 2025 में बढ़कर 1.6 बिलियन यूरो तक पहुंच गया। स्लोवाकिया ने दिसंबर 2025 में अपनी इंडो-पैसिफिक रणनीति भी शुरू की थी, जिसमें भारत एक अहम हिस्सा है।

भारतीय प्रवासियों की उम्मीदें

स्लोवाकिया में रहने वाले भारतीय समुदाय, जैसे विनय और सचिन गुलाटी, इस दौरे को लेकर बहुत खुश हैं। उनका मानना है कि पीएम मोदी के आने से वहां रहने वाले भारतीयों का मान बढ़ेगा। साथ ही मेडिकल रिसर्च और अन्य करियर के क्षेत्रों में नए मौके मिलने की उम्मीद है। स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलग्रिनी ने भी कहा है कि इस दौरे से दोनों देशों के बीच सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे।