प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मीडिया से दूरी बनाने और बिना स्क्रिप्ट वाले इंटरव्यू न देने को लेकर भारत में एक बार फिर विवाद शुरू हो गया है। हाल ही में उनके नॉर्वे और नीदरलैंड दौरे के दौरान एक विदेशी पत्रकार ने उनसे सीधे सवाल पूछ लिया, जिसका उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद देश में विपक्ष और मीडिया संगठनों ने सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है।
विदेश दौरे पर क्या हुआ था और पत्रकार ने क्या सवाल पूछा?
मई 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नॉर्वे और नीदरलैंड के दौरे पर थे। नॉर्वे में एक प्रेस मीट के दौरान वहां की पत्रकार हेले लिंग स्वेनडसन ने पीएम मोदी से सीधे पूछा कि वे मीडिया के सवालों का सामना क्यों नहीं करते हैं। इस सवाल पर पीएम मोदी बिना कोई जवाब दिए आगे बढ़ गए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भारत में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी विदेशी धरती पर साधारण सवालों से भी बच रहे हैं। वहीं, नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर ने इस पर कूटनीतिक रूप से कहा कि हर देश की अपनी अलग परंपराएं होती हैं।
बिना स्क्रिप्ट के इंटरव्यू और टेलीप्रॉम्प्टर के इस्तेमाल पर क्यों हो रही है चर्चा?
पीएम मोदी पर आरोप लगते रहे हैं कि उन्होंने 2014 में सत्ता संभालने के बाद से एक भी बिना स्क्रिप्ट वाली पारंपरिक प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की है। विपक्ष और कुछ मीडिया विश्लेषक उनके इंटरव्यू को पहले से तयशुदा या स्क्रिप्टेड बताते हैं। साल 2019 में एक इंटरव्यू के दौरान उनके पास एक कथित चीट शीट देखी गई थी, जिसमें पहले से लिखे सवाल और जवाब मौजूद थे। इसके अलावा, जनसभाओं में उनके द्वारा टेलीप्रॉम्प्टर के लगातार इस्तेमाल को लेकर भी विरोधी उन पर तंज कसते हैं। हालांकि, भारतीय विदेश मंत्रालय के राजनयिक सिबी जॉर्ज ने नॉर्वे में भारत के लोकतंत्र का बचाव किया है। वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स 2026 में भारत की रैंकिंग गिरकर 180 देशों में से 157वें स्थान पर आ गई है, जो साल 2025 में 151वें स्थान पर थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नॉर्वे में किस पत्रकार ने पीएम मोदी से सवाल पूछा था?
नॉर्वे की पत्रकार हेले लिंग स्वेनडसन ने एक प्रेस मीट के दौरान पीएम मोदी से सीधे सवाल पूछा था कि वे मीडिया के सवालों के जवाब क्यों नहीं देते हैं।
साल 2026 की प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में भारत की क्या रैंकिंग है?
साल 2026 के वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में भारत 180 देशों की सूची में 157वें स्थान पर है, जबकि साल 2025 में भारत 151वें स्थान पर था।
