प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नॉर्वे दौरे को लेकर सोशल मीडिया और मीडिया में काफी चर्चा हो रही है। मई 2026 में हुए इस दौरे के दौरान एक पत्रकार के सवाल और वहां के एक अखबार में छपे कार्टून को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस पूरे मामले पर भारत सरकार की तरफ से भी कड़ा जवाब दिया गया है। आइए जानते हैं कि आखिर यह पूरा मामला क्या है और इस पर क्या प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।
नॉर्वे में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान क्या हुआ?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18-19 मई 2026 को अपने पांच देशों के यूरोपीय दौरे के तहत नॉर्वे पहुंचे थे। वहां नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर के साथ उनकी एक संयुक्त प्रेस मीट हुई। पहले से तय प्रोटोकॉल के मुताबिक, इस कार्यक्रम में मीडिया के सवालों के जवाब देने का कोई नियम नहीं था। इसी वजह से पीएम मोदी ने वहां कोई सवाल नहीं लिया।
जब पीएम मोदी वहां से जाने लगे, तो नॉर्वे की पत्रकार हेले लिंग (Helle Lyng) ने उनसे सीधे चिल्लाकर सवाल पूछ लिया कि वह दुनिया की सबसे स्वतंत्र मीडिया के सवालों का जवाब क्यों नहीं देते। हालांकि, बाद में नॉर्वे के प्रधानमंत्री ने भारतीय पत्रकारों के एक समूह से अलग से बातचीत की और उनके सवालों के जवाब दिए।
कार्टून विवाद पर भारत ने कैसे दिया जवाब?
इस दौरे के बाद नॉर्वे के बड़े अखबार आफ़्टनपोस्टन (Aftenposten) में पीएम मोदी का एक कार्टून छापा गया। इस कार्टून को लेकर भारतीय लोगों और सोशल मीडिया पर काफी गुस्सा देखा गया। लोगों ने इसे पुरानी औपनिवेशिक सोच और नस्लवादी बताया।
भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) की तरफ से सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने इस पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने भारत के लोकतांत्रिक ढांचे और मानवाधिकारों के रिकॉर्ड का बचाव किया। उन्होंने साफ कहा कि कुछ लोग और अज्ञानी एनजीओ चुनिंदा बयानों के आधार पर अपनी राय बना लेते हैं, जो कि गलत है। उन्होंने याद दिलाया कि भारत में एक बहुत बड़ा और स्वतंत्र मीडिया काम करता है और भारत में महिलाओं को साल 1947 से ही वोटिंग का अधिकार मिला हुआ है।
पत्रकार के सोशल मीडिया अकाउंट हुए बंद और राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस पूरे विवाद के बीच सवाल पूछने वाली पत्रकार हेले लिंग ने दावा किया है कि इस घटना के तुरंत बाद उनके इंस्टाग्राम और फेसबुक अकाउंट सस्पेंड कर दिए गए हैं। उन्होंने इसे प्रेस की आजादी के लिए चुकाई गई एक छोटी सी कीमत बताया है। वहीं भारत में भी इस पर राजनीति शुरू हो गई है, जहां विपक्ष सरकार को घेर रहा है तो सत्ता पक्ष के लोग पीएम मोदी के समर्थन में खड़े हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पीएम मोदी ने नॉर्वे में प्रेस के सवालों के जवाब क्यों नहीं दिए?
भारत और नॉर्वे के बीच पहले से तय प्रोटोकॉल के तहत संयुक्त प्रेस बयान के दौरान सवालों के जवाब देने का कोई नियम नहीं था, इसलिए पीएम मोदी ने मीडिया के सवाल नहीं लिए।
कार्टून विवाद पर भारत सरकार का क्या कहना है?
विदेश मंत्रालय के सचिव सिबी जॉर्ज ने भारत के लोकतंत्र का बचाव करते हुए कहा कि विदेशी पर्यवेक्षक चुनिंदा और अज्ञानी एनजीओ की रिपोर्टों के आधार पर भारत को लेकर गलत धारणाएं बना रहे हैं।
