संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में हुए हालिया ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से रविवार को फोन पर बातचीत की। इस बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की और वहां रह रहे करीब 40 लाख भारतीयों की सुरक्षा पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करने और शांति बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया।

हमलों में भारतीयों की स्थिति और सुरक्षा अपडेट

UAE में हुए इन हमलों के दौरान एक भारतीय नागरिक के घायल होने की जानकारी मिली है। अबू धाबी में स्थित भारतीय दूतावास ने स्पष्ट किया है कि घायल भारतीय अब खतरे से बाहर है और उसका इलाज चल रहा है। इन हमलों में बांग्लादेश, नेपाल और पाकिस्तान के तीन अन्य विदेशी नागरिकों की मौत हुई है। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति को धन्यवाद दिया कि उन्होंने मुश्किल समय में भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित की।

डिफेंस सिस्टम और नुकसान का पूरा विवरण

UAE रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार उनकी वायु सेना ने बड़ी संख्या में हमलों को नाकाम किया है। हालांकि दुबई और अबू धाबी के मुख्य हवाई अड्डों के पास ड्रोन का मलबा गिरने से कुछ इमारतों को मामूली नुकसान पहुंचा और आग लगने की घटनाएं भी देखी गई हैं। हमलों के रक्षा आंकड़े नीचे दिए गए हैं।

विवरण आंकड़े
कुल दागे गए ड्रोन 541
सफलतापूर्वक गिराए गए ड्रोन 506
कुल बैलिस्टिक मिसाइलें 165
इंटरसेप्ट की गई मिसाइलें 152
UAE में भारतीय प्रवासियों की संख्या लगभग 40 लाख

भारत का कड़ा रुख और आर्थिक पहलू

जानकारों का कहना है कि भारत ने पहली बार इस क्षेत्रीय विवाद में खुलकर किसी एक पक्ष का साथ दिया है। इसका मुख्य कारण UAE में रहने वाले लाखों भारतीयों की सुरक्षा और भारत के ऊर्जा हित हैं। हाल ही में दोनों देशों के बीच 3 अरब डॉलर का LNG समझौता हुआ है और द्विपक्षीय व्यापार को 2032 तक 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रधानमंत्री ने साफ किया कि भारत इस कठिन समय में अपने मित्र देश UAE के साथ मजबूती से खड़ा है।