प्रधानमंत्री Narendra Modi को 18 मई 2026 को Norway के सबसे बड़े सम्मान Grand Cross of the Royal Norwegian Order of Merit से नवाज़ा गया। यह PM Modi को मिलने वाला 32वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है। वह UAE, Netherlands और Sweden के दौरे के बाद Oslo पहुँचे। खास बात यह है कि पिछले 43 सालों में किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री ने Norway का दौरा नहीं किया था।

ℹ: PM Modi Norway Visit: नॉर्वे दौरे में पीएम मोदी ने किया बड़ा खुलासा, बताया पहलगाम हमले की वजह से क्यों टली थी यात्रा

Norway का सबसे बड़ा सम्मान क्या है और इसे क्यों दिया गया

यह सम्मान King Harald V द्वारा दिया गया। Royal Norwegian Order of Merit की स्थापना 1985 में King Olav V ने की थी। यह सम्मान उन विदेशी और स्थानीय लोगों को मिलता है जिन्होंने Norway और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ रिश्तों को मजबूत करने में बड़ा योगदान दिया हो। इस सम्मान के साथ एक चौड़ा रिबन मिलता है जिसे दाएं कंधे से बाएं तरफ पहना जाता है और यह अब PM Modi की संपत्ति होगी।

भारत और Norway के बीच निवेश और पार्टनरशिप की बड़ी बातें

  • Green Strategic Partnership: Norway के प्रधानमंत्री Jonas Gahr Støre ने भारत के साथ रिश्तों को ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप में बदलने का ऐलान किया है। इसमें साफ ऊर्जा और तकनीक पर जोर रहेगा।
  • बड़ा निवेश: Norway ने भारत के कमर्शियल, टेक्नोलॉजी और टिकाऊ ऊर्जा क्षेत्र में लगभग 100 अरब USD निवेश करने का वादा किया है।
  • प्रमुख चर्चा: दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, ग्रीन टेक्नोलॉजी और ब्लू इकोनॉमी जैसे मुद्दों पर लंबी बातचीत हुई।

वैश्विक शांति और यूरोप के साथ रिश्तों पर क्या बोले PM Modi

PM Modi ने कहा कि यह सम्मान भारत के लोगों को समर्पित है और यह दोनों देशों की दोस्ती की मिसाल है। उन्होंने बताया कि भारत और यूरोप के रिश्ते अब एक सुनहरे दौर में पहुंच गए हैं। दुनिया के हालात पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि Ukraine और West Asia जैसे विवादों को सिर्फ मिलिट्री एक्शन से नहीं सुलझाया जा सकता, इसके लिए बातचीत और डिप्लोमेसी बहुत जरूरी है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

प्रधानमंत्री मोदी को नॉर्वे में कौन सा सम्मान मिला

PM Modi को 18 मई 2026 को Grand Cross of the Royal Norwegian Order of Merit दिया गया, जो नॉर्वे का सबसे ऊंचा सम्मान है।

नॉर्वे भारत में कितना निवेश करेगा

नॉर्वे ने भारत के व्यापारिक, तकनीकी और टिकाऊ ऊर्जा क्षेत्रों में लगभग 100 अरब अमेरिकी डॉलर निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है।