प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात की। इस मीटिंग में दुनिया के दो सबसे बड़े तनाव वाले इलाकों, यूक्रेन और पश्चिम एशिया के हालातों पर विस्तार से चर्चा हुई। भारत ने एक बार फिर दुनिया को साफ संदेश दिया कि युद्ध नहीं बल्कि बातचीत से ही मसले हल होंगे।
यूक्रेन और West Asia के विवाद पर क्या रही चर्चा?
प्रधानमंत्री मोदी ने मुलाकात के दौरान भारत का पुराना और साफ स्टैंड दोहराया। उन्होंने कहा कि किसी भी विवाद को खत्म करने के लिए बातचीत और कूटनीति ही सबसे बेहतर रास्ता है। भारत फरवरी 2022 में रूस द्वारा यूक्रेन पर हमले के बाद से लगातार यही बात कहता आ रहा है। दोनों नेताओं ने दुनिया में चल रही उथल-पुथल और उसके असर पर अपने विचार साझा किए।
भारत और रूस के बीच सहयोग को लेकर क्या अपडेट है?
रूस के विदेश मंत्री Lavrov ने प्रधानमंत्री मोदी को बताया कि दिसंबर 2025 में हुए भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के बाद से दोनों देशों के बीच रिश्तों में अच्छी प्रगति हुई है। बैठक के दौरान PM Modi ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लिए अपना संदेश और शुभकामनाएं Lavrov के जरिए भेजीं। दोनों देशों ने रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई।
Lavrov दिल्ली क्यों आए हैं?
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव दिल्ली में BRICS देशों के विदेश मंत्रियों की एक बड़ी बैठक में हिस्सा लेने आए हैं। इस मीटिंग में दुनिया के कई प्रभावशाली देशों के राजनयिक जुटेंगे। यहाँ मुख्य रूप से Global South के देशों के सामने आने वाली आर्थिक और राजनीतिक मुश्किलों पर चर्चा की जाएगी और उनका समाधान ढूंढा जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
PM Modi और Sergei Lavrov की मुलाकात कब और कहाँ हुई?
यह मुलाकात 14 मई 2026 को नई दिल्ली में हुई, जहाँ दोनों नेताओं ने वैश्विक संघर्षों और द्विपक्षीय संबंधों पर बात की।
यूक्रेन विवाद पर भारत का क्या कहना है?
भारत का मानना है कि बातचीत और कूटनीति ही वह एकमात्र रास्ता है जिससे यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे विवाद को सुलझाया जा सकता है।
