कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने पीएम मोदी पर लेबनान में इसराइल की सैन्य कार्रवाई को लेकर पूरी तरह से चुप्पी साधने का आरोप लगाया है। जयराम रमेश के मुताबिक, जब दुनिया के कई देश इसराइल के इस कदम की आलोचना कर रहे हैं, तब भारतीय प्रधानमंत्री की इस मामले पर खामोशी कई गंभीर सवाल खड़े करती है।
अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत पर क्या बोले जयराम रमेश?
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए बताया कि पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि अगर यह बातचीत सफल होती है, तो हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोला जा सकता है। इससे वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आएगी, जो भारत के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि इसराइल लगातार लेबनान में सैन्य कार्रवाई कर के इस महत्वपूर्ण राजनयिक समझौते को नाकाम करने की कोशिश कर रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इसराइल के बीच तनाव का जिक्र
कांग्रेस नेता ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स का भी हवाला दिया। उन्होंने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सैन्य कार्रवाई से बेहद नाराज और निराश हैं। जयराम रमेश ने पीएम मोदी पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए सवाल उठाया कि क्या उनके लिए वास्तविक मातृभूमि से ज्यादा कुछ और मायने रखता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दुनिया के तमाम बड़े देश इसराइल के इस हिंसक कदम की निंदा कर रहे हैं, लेकिन भारत के प्रधानमंत्री ने इस पर अब तक चुप्पी साध रखी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
जयराम रमेश ने पीएम मोदी पर क्या आरोप लगाया है?
जयराम रमेश ने पीएम मोदी पर लेबनान में इसराइल की सैन्य कार्रवाई और अमेरिका-ईरान वार्ता के बीच पूरी तरह से चुप्पी साधने का आरोप लगाया है।
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का भारत पर क्या असर पड़ सकता है?
अगर अमेरिका और ईरान की बातचीत सफल होती है, तो हॉर्मुज जलडमरूमध्य खुलने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें कम हो सकती हैं, जिससे भारत को सीधा आर्थिक लाभ होगा।
