प्रधानमंत्री Narendra Modi ने पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी संघर्ष और बढ़ते तनाव को देखते हुए दुनिया के पांच प्रमुख देशों के नेताओं से फोन पर विस्तार से बातचीत की है। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि PM मोदी ने कूटनीति और बातचीत के जरिए मामला सुलझाने पर जोर दिया है। भारत का मानना है कि क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए सभी पक्षों को संयम बरतने की जरूरत है।

किन देशों के नेताओं से हुई चर्चा और क्या रहा मुद्दा?

PM मोदी ने 19 मार्च 2026 को Oman, Malaysia, France, Jordan और Qatar के शीर्ष नेताओं के साथ संपर्क किया। इस बातचीत में मुख्य रूप से ऊर्जा बुनियादी ढांचे (energy infrastructure) पर हो रहे हमलों पर चिंता जाहिर की गई। MEA के अनुसार, PM मोदी ने इन हमलों को अस्वीकार्य बताया है।

  • France: राष्ट्रपति Emmanuel Macron के साथ भारत तनाव कम करने के लिए मिलकर काम कर रहा है।
  • Oman: भारत ने ओमान की संप्रभुता के उल्लंघन की निंदा की और समुद्री व्यापार मार्ग की सुरक्षा पर बात की।
  • Jordan: किंग अब्दुल्ला II के साथ ऊर्जा और माल की आवाजाही को बिना किसी बाधा के जारी रखने पर चर्चा हुई।
  • Kuwait: क्राउन प्रिंस के साथ बातचीत में वहां की संप्रभुता और सुरक्षा की बात की गई।

खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा पर क्या बोले PM?

इस कूटनीतिक बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने खाड़ी देशों के नेताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने संकट की स्थिति में भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनकी मदद करने के लिए शुक्रिया अदा किया। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का सीधा असर वहां काम कर रहे लाखों भारतीयों और वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर पड़ता है, जिसे लेकर भारत सरकार गंभीर है।

देश प्रमुख नेता बातचीत का मुख्य केंद्र
Oman Sultan Haitham bin Tariq समुद्री सुरक्षा और संप्रभुता
France Emmanuel Macron क्षेत्रीय शांति और कूटनीति
Jordan King Abdullah II माल और ऊर्जा का निर्बाध व्यापार
Qatar Amir Sheikh Tamim स्थिरता और सुरक्षा
Malaysia Anwar Ibrahim तनाव कम करने की रणनीति

ऊर्जा क्षेत्र पर हमलों को भारत ने बताया अस्वीकार्य

MEA प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने बताया कि पश्चिम एशिया में ऊर्जा केंद्रों पर हालिया हमले वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए खतरा हैं। भारत ने साफ तौर पर कहा है कि नागरिक ठिकानों और ऊर्जा से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना बंद होना चाहिए। भारत का मानना है कि केवल बातचीत और डिप्लोमेसी के जरिए ही युद्ध को खत्म किया जा सकता है। PM मोदी ने जल्द से जल्द शांति बहाली की अपील की है ताकि प्रवासियों और दुनिया भर की अर्थव्यवस्था को नुकसान न पहुंचे।