प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 मार्च 2026 को लोकसभा में पश्चिम एशिया (वेस्ट एशिया) के संघर्ष पर एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने वहां के हालात को बेहद चिंताजनक बताया और कहा कि सरकार भारतीयों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। प्रधानमंत्री ने इस संकट की तुलना कोरोना महामारी जैसी चुनौती से की और देशवासियों से एकजुट रहने की अपील की।

भारतीयों की सुरक्षा और निकासी पर क्या जानकारी दी गई?

प्रधानमंत्री ने सदन को बताया कि पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बाद से अब तक 3.75 लाख से अधिक भारतीय सुरक्षित अपने घर लौट चुके हैं। ईरान से भी 1000 भारतीयों को वापस लाया गया है जिनमें 700 मेडिकल छात्र शामिल हैं। सरकार ने इस पूरे मामले पर कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं:

  • प्रधानमंत्री ने खाड़ी देशों के नेताओं से दो बार फोन पर बात की है और सभी ने भारतीयों की सुरक्षा का भरोसा दिया है।
  • मृतकों के परिवारों को आर्थिक मदद और घायलों के इलाज की व्यवस्था की गई है।
  • किसी भी आपात स्थिति के लिए 24×7 कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर काम कर रहे हैं।
  • CBSE ने खाड़ी देशों के स्कूलों में होने वाली 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

देश की ऊर्जा जरूरतों और अर्थव्यवस्था की क्या है स्थिति?

होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट आने के बावजूद सरकार ने भारत में पेट्रोल, डीजल और गैस की सप्लाई को सुचारू बनाए रखा है। घरेलू LPG गैस की कमी न हो इसके लिए उत्पादन बढ़ाया गया है। सरकार ने ऊर्जा सुरक्षा के लिए कई अहम बदलाव किए हैं जिनका विवरण नीचे दिया गया है:

विषय महत्वपूर्ण आंकड़े और जानकारी
ऊर्जा आयात स्रोत आयात करने वाले देशों की संख्या 27 से बढ़ाकर 41 की गई
कच्चा तेल भंडार 53 लाख मीट्रिक टन का रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व तैयार है
इथेनॉल मिश्रण इथेनॉल ब्लेंडिंग को 20 प्रतिशत तक पहुंचाया गया
रिन्यूएबल ऊर्जा देश की क्षमता 250 GW के पार हुई, सौर ऊर्जा 140 GW तक पहुंची
कोयला और बिजली गर्मी के लिए 100 करोड़ टन कोयला उत्पादन और पर्याप्त स्टॉक मौजूद है

सरकार ने कृषि क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए 6 नए यूरिया प्लांट भी जोड़े हैं ताकि खरीफ की बुवाई के समय किसानों को खाद की कमी न हो। इसके अलावा रेलवे, मेट्रो और इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार पर भी जोर दिया जा रहा है ताकि तेल पर निर्भरता कम की जा सके।