प्रधानमंत्री Narendra Modi ने 29 मार्च 2026 को अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 132वें एपिसोड में खाड़ी देशों के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बीच वहां रह रहे 1 करोड़ से अधिक भारतीयों को इन देशों की सरकारों से पूरी सहायता मिल रही है। पीएम ने कहा कि ये देश हजारों भारतीय परिवारों के लिए घर की तरह हैं और वहां रह रहे हमारे लोगों की सुरक्षा और उनकी जरूरतों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।

🚨: Iraq में American Universities पर हमले का खतरा, US Embassy ने जारी किया अलर्ट, ईरान की धमकी से बढ़ा तनाव

खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों को क्या सुविधाएं मिल रही हैं?

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में साफ किया कि खाड़ी देश इस आपात स्थिति में भारतीयों को हर जरूरी सुविधा और सुरक्षा दे रहे हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि वे इस मुद्दे पर किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और एकता बनाए रखें। संकट की वजह से दुनिया भर में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई पर जो असर पड़ सकता है, उस पर भी सरकार की नजर बनी हुई है।

  • UAE, Saudi Arabia, Qatar और Oman जैसे देशों में भारतीयों को जरूरी सहायता मिल रही है।
  • 1 करोड़ भारतीय प्रवासियों के हितों और उनकी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
  • संकट के समय वहां की सरकारों ने भारतीय नागरिकों को हर संभव सुविधाएं दी हैं।

भारत सरकार ने सुरक्षा के लिए कौन से इंतजाम किए हैं?

भारत का विदेश मंत्रालय (MEA) खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। प्रवासियों की मदद के लिए सरकार ने कई जरूरी कदम उठाए हैं ताकि किसी भी भारतीय को वहां रहने या वापस आने में परेशानी न हो। इन प्रयासों में हेल्पलाइन नंबर से लेकर वीज़ा और कागजी कार्रवाई में मदद तक शामिल है।

तारीख मुख्य जानकारी और कदम
29 मार्च 2026 पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में खाड़ी देशों का आभार जताया।
25 मार्च 2026 MEA ने 24×7 कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर शुरू किया।
21 मार्च 2026 UAE के राजदूत Abdulnasser Alshaali ने सुरक्षा का भरोसा दिया।

अतिरिक्त सचिव असीम आर महाजन ने बताया कि केंद्र सरकार लगातार वहां के हालातों की निगरानी कर रही है। प्रवासियों को समय-समय पर एडवाइजरी जारी की जा रही है ताकि वे सुरक्षित रहें और उन्हें वीज़ा या अन्य लॉजिस्टिक्स में किसी भी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े।