प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और UAE के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने फ्रांस के एवियन में G7 समिट के दौरान एक अहम मीटिंग की। इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने भारत और UAE के बीच की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने के तरीकों पर बातचीत की। यह बैठक दोनों देशों के बीच व्यापार और सुरक्षा के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण रही।
यह मुलाकात मंगलवार, 16 जून 2026 को हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने UAE सरकार का शुक्रिया अदा किया क्योंकि उन्होंने वहां रहने वाले भारतीय समुदाय का खास ख्याल रखा है। यह बात उन लाखों भारतीयों के लिए राहत भरी है जो UAE में नौकरी या बिजनेस कर रहे हैं और वहां की सरकार से उन्हें पूरा सहयोग मिल रहा है।
दोनों नेताओं ने तकनीक, व्यापार, निवेश, ऊर्जा और डिफेंस जैसे क्षेत्रों में हो रहे सकारात्मक बदलावों की समीक्षा की। इस चर्चा का मकसद दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक रिश्तों को और आगे ले जाना था।
मीटिंग के दौरान पश्चिम एशिया (West Asia) के हालातों पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इलाके में शांति और स्थिरता के लिए बातचीत और डिप्लोमेसी सबसे जरूरी है। साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून और संप्रभुता का सम्मान करने पर जोर दिया। दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि Strait of Hormuz के जरिए व्यापार और जहाजों की आवाजाही सुरक्षित और बिना किसी रुकावट के होनी चाहिए।
एक बड़े अपडेट में, प्रधानमंत्री मोदी ने UAE राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान को इस साल भारत में होने वाले BRICS समिट में शामिल होने का न्यौता दिया।
इस G7 समिट में भारत की भागीदारी 11वीं बार है और प्रधानमंत्री मोदी लगातार पांचवीं बार ‘आउटरीच कंट्री’ के तौर पर इसमें शामिल हुए हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस समिट की मेजबानी की। इसी दौरान पीएम मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर और कनाडा के पीएम मार्क कार्नी के साथ भी अलग-अलग मुलाकातें कीं।