प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 मई 2026 को यूएई (UAE) गए थे। इस दौरे के दौरान भारत और यूएई के बीच कई बड़े समझौते हुए हैं। इसमें रक्षा, ऊर्जा और बैंकिंग जैसे क्षेत्रों में अरबों डॉलर के निवेश और सहयोग की बात हुई है, जिससे दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होंगे।

🚨: PM Modi UAE Visit: दुबई में हुआ भव्य स्वागत, भारत के लिए 5 अरब डॉलर का निवेश और कई बड़े समझौते, जानें क्या रहा पूरा मामला

डिफेंस और एनर्जी सेक्टर में क्या खास समझौते हुए

भारत और यूएई ने Strategic Defence Partnership पर एक समझौते पर साइन किए हैं। इस साझेदारी के तहत डिफेंस इंडस्ट्री, साइबर सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में दोनों देश मिलकर काम करेंगे।

  • ऊर्जा क्षेत्र में Strategic Petroleum Reserves के लिए एक MoU साइन किया गया।
  • LPG की सप्लाई के लिए भी समझौता हुआ है, जिससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा और मजबूत होगी।
  • इस काम में Abu Dhabi National Oil Company (ADNOC) की बड़ी भूमिका रहेगी।

निवेश और बुनियादी ढांचे पर क्या फैसला हुआ

इस दौरे का सबसे बड़ा फायदा निवेश के रूप में मिला है। भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए भारी भरकम निवेश का वादा किया गया है। साथ ही समुद्री क्षेत्र में भी नई पहल की गई है।

विवरण जानकारी
कुल निवेश राशि 5 बिलियन अमेरिकी डॉलर
मुख्य निवेश क्षेत्र भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स
बैंकिंग सहयोगी RBL Bank और Samman Capital
मैरीटाइम प्रोजेक्ट Vadinar में Ship Repair Cluster की स्थापना

पीएम मोदी ने यूएई राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान का आभार जताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज के वैश्विक हालात में आपसी बातचीत और डिप्लोमेसी बहुत जरूरी है। साथ ही उन्होंने Strait of Hormuz को सबके लिए खुला और सुरक्षित रखने की बात कही।

Frequently Asked Questions (FAQs)

पीएम मोदी के यूएई दौरे से भारत को कितना निवेश मिला

इस दौरे के दौरान भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए 5 बिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश का ऐलान किया गया है।

डिफेंस और एनर्जी सेक्टर में कौन से मुख्य समझौते हुए

दोनों देशों के बीच Strategic Defence Partnership और Strategic Petroleum Reserves के लिए MoU साइन हुए हैं, जिसमें LPG की सप्लाई और साइबर सुरक्षा जैसे मुद्दे शामिल हैं।