प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 15 मई, 2026 को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की आधिकारिक यात्रा पर पहुंचे हैं. इस दौरे का मुख्य मकसद भारत और यूएई के बीच ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ को और आगे बढ़ाना है. पीएम मोदी यहाँ के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे और दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे.
🚨: PM Modi का UAE समेत 5 देशों का दौरा शुरू, तेल और व्यापार को लेकर होगा बड़ा फैसला, जानें पूरा शेड्यूल।
PM मोदी की यूएई यात्रा की मुख्य बातें
- यह पिछले 12 सालों में प्रधानमंत्री मोदी की यूएई की आठवीं यात्रा है.
- विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस यात्रा की पुष्टि की है.
- यह यात्रा पीएम मोदी के पांच देशों के दौरे का पहला हिस्सा है, जिसमें इसके बाद नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की यात्रा शामिल है.
- खाड़ी मामलों के अतिरिक्त सचिव असीम महाजन ने बताया कि ऊर्जा संबंध दोनों देशों के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं और यूएई भारत की ऊर्जा सुरक्षा में बड़ा भागीदार है.
ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार पर क्या होगा असर
इस यात्रा के दौरान ऊर्जा सुरक्षा पर खास ध्यान दिया जाएगा. भारत और यूएई के बीच तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) और रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार के लिए दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर होने की संभावना है. यूएई के ओपेक (OPEC) से बाहर निकलने के बाद व्यापार और ऊर्जा सहयोग के नए रास्ते खुले हैं, जिस पर राजदूत दीपक मित्तल ने भी जोर दिया है.
इसके अलावा, दोनों नेता रणनीतिक रक्षा साझेदारी को भी मजबूत करेंगे. यह चर्चा इस साल की शुरुआत में हुए रक्षा समझौते के आधार पर होगी. साथ ही, यूएई में रहने वाले भारतीय समुदाय की भलाई और निवेश संबंधों पर भी बातचीत होगी. यह दौरा पश्चिमी एशिया के तनावपूर्ण माहौल में ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए काफी अहम माना जा रहा है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
PM मोदी की यूएई यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या है
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और यूएई के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाना है, जिसमें ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार और रणनीतिक रक्षा सहयोग पर चर्चा शामिल है.
ऊर्जा क्षेत्र में कौन से नए समझौते हो सकते हैं
इस यात्रा के दौरान तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) और रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार के क्षेत्रों में दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है.
