प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार 15 मई 2026 को UAE के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान से मुलाकात की। इस बैठक में पीएम मोदी ने साफ किया कि पश्चिम एशिया में जो हालात हैं, उसमें भारत पूरी तरह से UAE के साथ खड़ा है। दोनों नेताओं ने आपसी रिश्तों को और मजबूत करने के लिए कई अहम बातों पर चर्चा की और भविष्य के लिए बड़े फैसले लिए।
भारत और UAE के बीच किन समझौतों पर हुई बात?
इस मुलाकात के दौरान भारत और UAE ने रक्षा, ऊर्जा और निवेश जैसे बड़े क्षेत्रों में महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इसमें गैस सप्लाई और रणनीतिक तेल भंडार (Strategic Oil Reserves) को लेकर खास बातचीत हुई। दोनों देशों ने तकनीक, संस्कृति और लोगों के बीच रिश्तों को और बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा है। जनवरी 2026 की मुलाकात के बाद से दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में बड़ी तेजी आई है और 2032 तक सालाना व्यापार को 200 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य तय किया गया है।
पश्चिम एशिया की शांति और सुरक्षा पर क्या कहा गया?
पीएम मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में शांति बहाल करने के लिए भारत हर संभव सहयोग करेगा। उन्होंने जोर दिया कि विवादों को सुलझाने के लिए बातचीत और कूटनीति ही सबसे सही रास्ता है। साथ ही उन्होंने Strait of Hormuz को खुला और स्वतंत्र रखने तथा अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करने की बात कही। राष्ट्रपति अल नाह्यान ने भारत में आई हालिया प्राकृतिक आपदा पर दुख जताया, जिसके लिए पीएम मोदी ने उनका शुक्रिया अदा किया।
पीएम मोदी के स्वागत में क्या खास रहा?
UAE राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान ने खुद पीएम मोदी का अबू धाबी एयरपोर्ट पर स्वागत किया। यह एक बड़ा डिप्लोमैटिक इशारा था जो दोनों नेताओं के बीच गहरे लगाव को बताता है। जब पीएम मोदी का विमान UAE के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुआ, तो UAE के F-16 जेट विमानों ने उन्हें एस्कॉर्ट किया। यह मुलाकात पीएम मोदी के पांच देशों के राजनयिक दौरे का हिस्सा है जो 15 से 20 मई तक चलेगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
भारत और UAE के बीच व्यापार का लक्ष्य क्या है?
दोनों देशों ने साल 2032 तक सालाना व्यापार को 200 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा है।
बैठक में किन मुख्य मुद्दों पर चर्चा हुई?
बैठक में रक्षा, ऊर्जा (गैस और तेल), निवेश और पश्चिम एशिया में शांति बनाए रखने पर चर्चा हुई।
