प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 मई 2026 को UAE के दौरे पर जा रहे हैं। संयुक्त अरब अमीरात की मंत्री रीम अल हाशमी ने पीएम मोदी को अमीरात के नेतृत्व और लोगों के लिए ‘सच्चा खजाना’ बताया है। यह यात्रा दोनों देशों के बीच व्यापार और तकनीक के रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

भारत और UAE के बीच व्यापार और निवेश के नए लक्ष्य

दोनों देशों ने Comprehensive Economic Partnership Agreement (CEPA) के तहत अपने शुरुआती 100 अरब डॉलर के व्यापार लक्ष्य को पार कर लिया है। अब दोनों देश मिलकर 200 अरब डॉलर के व्यापार का नया लक्ष्य तय कर रहे हैं। DP World के CEO युवराज नारायण ने बताया कि पीएम मोदी की यह आठवीं यात्रा है, जो वैश्विक सप्लाई चेन में बदलाव के बीच इस रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगी। साथ ही उन्होंने 3 अरब डॉलर के भारतीय निवेश का भी जिक्र किया।

भारत की ऊर्जा सुरक्षा और UAE की भूमिका

भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में UAE एक बहुत महत्वपूर्ण पार्टनर है। विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव असीम महाजन ने कहा कि UAE भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अहम है। हाल के समय में तेल और गैस की सप्लाई को लेकर वैश्विक चिंताएं बढ़ी हैं, ऐसे में UAE का सहयोग भारत के लिए काफी मायने रखता है।

ऊर्जा और व्यापार विवरण महत्वपूर्ण आंकड़े और तथ्य
कच्चा तेल (Crude Oil) भारत का चौथा सबसे बड़ा स्रोत, करीब 11 प्रतिशत सप्लाई
LNG की खरीद भारत UAE का सबसे बड़ा खरीदार, सालाना 4.5 मिलियन टन
LPG की आपूर्ति भारत की करीब 40 प्रतिशत जरूरत पूरी करता है UAE
पेट्रोलियम निर्यात भारत के पेट्रोलियम एक्सपोर्ट के लिए UAE दूसरा सबसे बड़ा गंतव्य
व्यापार लक्ष्य 100 अरब डॉलर से बढ़ाकर 200 अरब डॉलर किया गया
भारतीय निवेश DP World के माध्यम से 3 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश

मंत्री रीम अल हाशमी ने यह भी बताया कि UAE ने OPEC से बाहर निकलने का फैसला एक जिम्मेदार वैश्विक खिलाड़ी के रूप में काम करने के लिए किया है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया के संघर्ष के कारण सप्लाई में जो दिक्कतें आई हैं, उन पर पीएम मोदी के साथ चर्चा होगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा किस बड़े प्लान का हिस्सा है

यह पांच देशों के दौरे का पहला पड़ाव है। 15 मई से 20 मई 2026 के बीच पीएम मोदी UAE के अलावा नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की यात्रा करेंगे।

UAE ने OPEC छोड़ने का फैसला क्यों लिया

UAE सरकार ने यह फैसला एक जिम्मेदार ग्लोबल प्लेयर बनने के लिए लिया है, ताकि सप्लाई की चुनौतियों के दौरान वह अपनी पूरी क्षमता से उत्पादन कर सके।