प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देश की विदेशी मुद्रा बचाने के लिए नागरिकों और व्यापारियों से कुछ कड़े कदम उठाने की अपील की है। दुनिया भर में तेल की बढ़ती कीमतों और West Asia में चल रहे तनाव की वजह से भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर काफी दबाव बढ़ा है। इस स्थिति से निपटने के लिए उन्होंने हैदराबाद, Telangana में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान आम जनता से सहयोग मांगा है।

PM Modi ने किन चीज़ों में कटौती करने को कहा है?

प्रधानमंत्री ने विदेशी मुद्रा को बचाने के लिए कई सुझाव दिए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे अपनी ज़रूरतों को कम करें और देश के हित को प्राथमिकता दें। जो लोग अक्सर विदेश यात्रा करते हैं या महंगी चीज़ें खरीदते हैं, उनके लिए ये निर्देश महत्वपूर्ण हैं।

क्षेत्र सुझाए गए उपाय
ईंधन (Fuel) पेट्रोल, डीजल और गैस का कम इस्तेमाल करें, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और EV का प्रयोग बढ़ाएं
ऑफिस का काम Work-From-Home (WFH) और ऑनलाइन मीटिंग्स को फिर से शुरू करें
यात्रा और शादी गैर-ज़रूरी विदेश यात्रा और डेस्टिनेशन वेडिंग को एक साल के लिए टालें
सोना (Gold) एक साल तक गैर-ज़रूरी सोने की खरीदारी से बचें
खाद्य तेल खाद्य तेल की खपत में कमी लाएं
खेती केमिकल फर्टिलाइजर का इस्तेमाल 50% कम करें और प्राकृतिक खेती अपनाएं
सामान की खरीद Made in India उत्पादों को बढ़ावा दें और उनका इस्तेमाल करें

विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट और इसका कारण क्या है?

Reserve Bank of India के आंकड़ों के मुताबिक, 1 मई 2026 को खत्म हुए हफ्ते में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 7.79 बिलियन डॉलर घट गया, जिससे यह घटकर 690.69 बिलियन डॉलर रह गया। इसका मुख्य कारण West Asia में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और Strait of Hormuz में व्यवधान है, जिससे वैश्विक ऊर्जा कीमतों में भारी उछाल आया है।

सरकार ने कोशिश की है कि आम जनता पर इसका बोझ न पड़े। अप्रैल 2026 में सरकार ने कहा था कि पेट्रोल और डीजल की पंप कीमतों को बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। सरकारी तेल कंपनियां खुद घाटा सह रही हैं ताकि कीमतें स्थिर रहें। यह स्थिति उन भारतीयों के लिए भी चिंताजनक है जो Gulf देशों में रहते हैं और अपनी बचत या यात्रा की योजना बनाते हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ेंगी?

सरकार ने अप्रैल 2026 में स्पष्ट किया था कि पंप पर कीमतें बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है और सरकारी कंपनियां घाटा सहकर दाम स्थिर रख रही हैं।

विदेशी यात्राओं पर क्या पाबंदी लगाई गई है?

प्रधानमंत्री ने किसी कानूनी पाबंदी के बजाय अपील की है कि लोग कम से कम एक साल तक गैर-ज़रूरी विदेश यात्राओं और डेस्टिनेशन वेडिंग को टाल दें।