प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नॉर्वे पहुंचे हैं जहाँ वह तीसरे इंडिया-नॉर्डिक समिट में हिस्सा लेंगे। यह दौरा इसलिए खास है क्योंकि 43 साल बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री नॉर्वे गया है। इस बैठक का मुख्य मकसद व्यापार, नई तकनीक और पर्यावरण को बचाने वाले ऊर्जा समझौतों को आगे बढ़ाना है।
इंडिया-नॉर्डिक समिट में किन बातों पर होगी चर्चा
- भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया कि इस समिट का मकसद तकनीक, इनोवेशन और ग्रीन ट्रांजिशन जैसे क्षेत्रों में रिश्तों को मजबूत करना है।
- इसमें डिफेंस, स्पेस, ब्लू इकोनॉमी और आर्कटिक क्षेत्र में सहयोग पर बातचीत होगी।
- भारत और नॉर्डिक देशों (नॉर्वे, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन) के बीच सप्लाई चेन को और बेहतर बनाने की योजना है।
व्यापार और अर्थव्यवस्था पर क्या है नया प्लान
- साल 2024 में भारत और नॉर्डिक देशों के बीच व्यापार 19 अरब डॉलर था जिसे 2030 तक बढ़ाकर 30 अरब डॉलर करने का लक्ष्य रखा गया है।
- इसके लिए India-EFTA TEPA और India-EU FTA जैसे समझौतों का इस्तेमाल किया जाएगा।
- पीएम मोदी ने फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो से मुलाकात की और 2030 तक व्यापार दोगुना करने पर सहमति जताई।
- सितंबर 2026 में गुजरात के गांधीनगर में भारत और फिनलैंड मिलकर वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमिक फोरम की मेजबानी करेंगे।
पीएम मोदी को मिला बड़ा सम्मान और खास मुलाकातें
- पीएम मोदी को नॉर्वे के सबसे बड़े नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट’ से नवाजा गया। उन्होंने यह सम्मान भारत की जनता को समर्पित किया।
- वह नॉर्वे के राजा हेराल्ड V और रानी सोन्या से भी मुलाकात करेंगे।
- नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोरे ने पीएम मोदी का स्वागत किया और इस दौरे को दोनों देशों के रिश्तों के लिए एक बड़ा मोड़ बताया।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पीएम मोदी नॉर्वे कब पहुंचे और समिट कब है
प्रधानमंत्री मोदी 18 मई 2026 को ओस्लो पहुंचे और तीसरा इंडिया-नॉर्डिक समिट 19 मई 2026 को आयोजित किया गया।
नॉर्डिक देशों में कौन-कौन से देश शामिल हैं
नॉर्डिक समूह में नॉर्वे, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन शामिल हैं।
