प्रधानमंत्री Narendra Modi ने सोमवार, 11 मई 2026 को Vadodara, Gujarat में एक कार्यक्रम के दौरान देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि West Asia में चल रहा युद्ध इस दशक का सबसे बड़ा संकट है। PM Modi ने भरोसा जताया कि जिस तरह भारत ने COVID-19 महामारी को हराया था, वैसे ही हम इस संकट से भी बाहर निकल आएंगे। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे विदेशी सामानों पर अपना खर्च कम करें और ‘Vocal for Local’ मंत्र को अपनाएं।

PM Modi ने देश के लिए क्या 7 अपीलें की हैं?

प्रधानमंत्री ने वैश्विक संकट और विदेशी मुद्रा बचाने के लिए आम जनता से कुछ खास बदलाव करने को कहा है। उन्होंने साफ किया कि ग्लोबल सप्लाई चेन खराब होने से आयातित सामानों की कीमतें बढ़ रही हैं, इसलिए हमें आत्मनिर्भर बनना होगा।

अपील क्या करना होगा
काम का तरीका ट्रैवल खर्च घटाने के लिए Work from home को दोबारा अपनाएं
विदेशी यात्रा एक साल तक गैर-जरूरी विदेश यात्रा और Destination Wedding से बचें
सोना-जेवर विदेशी मुद्रा बचाने के लिए एक साल तक सोना या गहने न खरीदें
खाना-पीना सेहत और आयात बिल कम करने के लिए कुकिंग ऑयल की खपत 10% कम करें
यातायात ईंधन बचाने के लिए मेट्रो, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, कारपूलिंग या Electric Vehicle का उपयोग करें
खेती केमिकल खाद के आयात को कम करने के लिए Natural Farming अपनाएं
खरीदारी रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए विदेशी ब्रांड की जगह Made-in-India सामान चुनें

सरकार की तैयारी और अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया

इस संकट से निपटने के लिए सरकार उच्च स्तर पर बैठकें कर रही है। रक्षा मंत्री Rajnath Singh जल्द ही Informal Group of Ministers (IGoM) की बैठक की अध्यक्षता करेंगे ताकि West Asia संकट के असर को कम किया जा सके।

प्रधानमंत्री की इन अपीलों को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami और RLD नेता Malook Nagar ने पूरा समर्थन दिया है। उन्होंने इसे राष्ट्रीय हित और सामूहिक जिम्मेदारी बताया। वहीं दूसरी तरफ, कांग्रेस नेता Pawan Khera ने इस पर सवाल उठाए हैं और पूछा है कि क्या सरकार सिर्फ जनता से ही बलिदान की उम्मीद कर रही है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

PM Modi ने किन चीजों को कम खरीदने की सलाह दी है?

प्रधानमंत्री ने एक साल तक सोना, गहने और गैर-जरूरी विदेशी सामानों की खरीदारी न करने की सलाह दी है ताकि विदेशी मुद्रा बचाई जा सके।

West Asia युद्ध का भारत पर क्या असर हो रहा है?

इस युद्ध की वजह से ग्लोबल सप्लाई चेन बाधित हुई है और बाहर से आने वाले सामानों की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं।