पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने विदेश में रहने वाले भारतीयों (NRIs) के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। बैंक ने फॉरेन करेंसी नॉन-रेसिडेंट (बैंक) यानी FCNR(B) डिपॉजिट पर ब्याज दरों को बढ़ाकर 6.10 फीसदी तक कर दिया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए फैसलों के बाद बैंक ने यह फैसला लिया है। इससे खाड़ी देशों और अन्य देशों में रहने वाले प्रवासी भारतीय अब भारत में अपनी बचत पर पहले से ज्यादा मुनाफा कमा सकेंगे। बैंक को उम्मीद है कि इस नई स्कीम से वह लगभग 2.5 अरब डॉलर का विदेशी फंड जुटा लेगा।
किस अवधि के लिए कितना मिलेगा ब्याज?
PNB ने अलग-अलग समय अवधि के लिए नई ब्याज दरों को तय किया है। प्रवासियों को लुभाने के लिए बैंक ने अमेरिकी ट्रेजरी दरों (जो लगभग 4.25 प्रतिशत है) की तुलना में बहुत बेहतर ब्याज देने का फैसला किया है। ब्याज दरों का पूरा विवरण नीचे दिया गया है:
| जमा की अवधि (Tenure) | ब्याज दर (प्रति वर्ष) | जमा राशि की सीमा |
|---|---|---|
| 3 साल | 6.00% | 1 मिलियन डॉलर तक |
| 4 साल | 6.05% | 1 मिलियन डॉलर तक |
| 5 साल | 6.10% | 1 मिलियन डॉलर तक |
PNB के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर अशोक चंद्रा ने बताया कि बैंक ने अपनी एसेट लायबिलिटी कमेटी (ALCO) की बैठक के बाद इन नई दरों को अंतिम रूप दिया है ताकि प्रवासियों को निवेश के लिए सबसे बेहतरीन विकल्प मिल सके।
RBI ने प्रवासियों के लिए क्या किए हैं नए बदलाव?
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने हाल ही में विदेशी मुद्रा के प्रवाह को बढ़ाने के लिए कुछ बड़े फैसले लिए हैं, जिसके बाद बैंकों ने ब्याज दरें बढ़ानी शुरू की हैं:
- RBI नए FCNR(B) डिपॉजिट पर कैश रिजर्व रेशियो (CRR) और स्टेट्यूटरी लिक्विडिटी रेशियो (SLR) की शर्तों से छूट दे रहा है। यह छूट 30 सितंबर 2026 तक लागू रहेगी।
- रिजर्व बैंक मध्यम और लंबी अवधि के FCNR(B) डिपॉजिट पर हेजिंग की पूरी लागत खुद उठाएगा जिससे बैंकों पर बोझ नहीं पड़ेगा।
- डॉलर-रुपया स्वैप विंडो की सुविधा भी 16 अक्टूबर 2026 तक खुली रहेगी।
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने हाल ही में बताया था कि इस योजना से भारतीय बैंकों को विदेशी मुद्रा आकर्षित करने में बड़ी मदद मिलेगी। उद्योग जगत का अनुमान है कि इससे भारतीय बैंकिंग सिस्टम में 40 अरब डॉलर तक की बड़ी पूंजी आ सकती है।
खाड़ी देशों के प्रवासियों को कैसे होगा फायदा?
संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब, कुवैत, कतर और ओमान जैसे देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह अपनी गाढ़ी कमाई को भारत में सुरक्षित रखने और उस पर अधिक रिटर्न पाने का बेहतरीन मौका है। वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव के बीच भारत के सरकारी बैंक में 6 प्रतिशत से अधिक का गारंटीड रिटर्न मिलना एक सुरक्षित निवेश का जरिया बनता है। एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, इस कदम से वित्तीय वर्ष 2027 में भारत में कुल 55 से 65 अरब डॉलर का विदेशी निवेश आने की उम्मीद है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
PNB की FCNR(B) डिपॉजिट पर अधिकतम ब्याज दर कितनी है?
पंजाब नेशनल बैंक अब FCNR(B) डिपॉजिट पर अधिकतम 6.10% तक की ब्याज दर दे रहा है, जो 5 साल की अवधि के लिए लागू है।
क्या यह बढ़ी हुई ब्याज दरें खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए भी हैं?
हां, यह दरें सभी नॉन-रेसिडेंट इंडियंस (NRIs), ओवरसीज सिटीजन्स ऑफ इंडिया (OCIs) और भारतीय मूल के लोगों (PIOs) के FCNR(B) खातों के लिए उपलब्ध हैं।
यह योजना कब तक के लिए विशेष नियमों के साथ लागू है?
आरबीआई ने नए FCNR(B) डिपॉजिट को CRR और SLR की शर्तों से 30 सितंबर 2026 तक के लिए छूट दी है, जिससे बैंक अधिक ब्याज दे पा रहे हैं।
