POJK Elections: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर चुनाव में नवाज शरीफ की पार्टी ने किया बहुमत का बड़ा दावा

पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर यानी POJK में हुए विधानसभा चुनावों को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। पाकिस्तान की सत्तारूढ़ पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) ने इन चुनावों में पूर्ण बहुमत हासिल करने का दावा ठोक दिया है। पार्टी के इस दावे के बाद अब वहां की राजनीति में हलचल काफी तेज हो गई है और सभी की निगाहें आने वाले दिनों में बनने वाली नई सरकार पर टिक गई हैं।
संसदीय मामलों के मंत्री ने दी आधिकारिक जानकारी
पाकिस्तान के संसदीय मामलों के मंत्री तारिक फज़ल चौधरी ने गुरुवार को मीडिया को इस बात की पूरी जानकारी दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यह बताया कि उनकी पार्टी PML-N ने चुनाव के तीसरे चरण के बाद कुल 24 सीटों पर अपनी जीत दर्ज कर ली है। मंत्री ने इस पूरी चुनावी प्रक्रिया को पूरी तरह से निष्पक्ष, पारदर्शी और भरोसेमंद बताया है ताकि जनता के बीच सरकार की छवि साफ सुथरी बनी रहे।
आरक्षित सीटों के मिलने से बढ़ेगी ताकत
मंत्री तारिक फज़ल चौधरी ने आगे यह भी साफ किया कि चुनाव नतीजों के बाद जब महिलाओं, धार्मिक प्रतिनिधियों और कश्मीरी प्रवासियों के लिए तय आरक्षित सीटों का आधिकारिक आवंटन हो जाएगा, तब पार्टी की कुल सीटें बढ़कर 30 हो जाएंगी। POJK विधानसभा में कुल 53 सीटें हैं, जिनमें 45 सामान्य सीटें शामिल हैं। सरकार बनाने और बहुमत साबित करने के लिए किसी भी राजनीतिक दल को कम से कम 27 सीटों की जरूरत होती है। ऐसे में PML-N के पास जरूरी आंकड़े से ज्यादा सीटें आ रही हैं जिससे उनका सरकार बनाना तय माना जा रहा है।
हिंसक प्रदर्शनों के साये में हुए थे चुनाव
आपको बता दें कि यह पूरा चुनाव काफी तनावपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ है। बुधवार को हुए इन चुनावों से ठीक पहले इलाके में काफी हिंसक विरोध प्रदर्शन देखने को मिले थे। इन विरोध प्रदर्शनों की कमान जॉइंट एक्शन कमेटी (JAAC) ने संभाली थी। इस संगठन ने सीधे तौर पर प्रशासनिक अधिकारियों और सरकार पर यह गंभीर आरोप लगाया था कि जुलाई के अंत में हुई हिंसा में कुल 35 लोगों की मौत हुई थी जिसके लिए वही जिम्मेदार हैं।
अगले हफ्ते बुलाया जाएगा विधानसभा का नया सत्र
चुनाव परिणाम आने के बाद अब प्रशासन और राजनीतिक दलों की पूरी तैयारी अगले सप्ताह विधानसभा का नया सत्र बुलाने की है। इसी आगामी सत्र के दौरान क्षेत्रीय विधानसभा के नए स्पीकर और प्रधानमंत्री का चुनाव किया जाएगा। इन पदों के तय होते ही क्षेत्र में नई सरकार के गठन की आधिकारिक प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी, जिस पर इस समय देश-दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।