पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी PoJK में हालात काफी बिगड़े हुए हैं। यहाँ बुनियादी सुविधाओं और महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे आम लोगों पर सुरक्षा बलों द्वारा कथित तौर पर बल प्रयोग किए जाने की खबरें सामने आई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जून महीने से शुरू हुए इन प्रदर्शनों में अब तक 125 से ज्यादा आम नागरिकों की मौत हो चुकी है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उन्हें शांतिपूर्ण विरोध करने पर भी निशाना बनाया जा रहा है।

इंटरनेट पर पाबंदी और सुरक्षा बलों पर गंभीर आरोप

क्षेत्र में लगातार विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने इंटरनेट और अन्य दूरसंचार सेवाओं पर पाबंदी लगा दी है। Rawalakot और Mirpur जैसे इलाकों से आई खबरों में सुरक्षा बलों पर महिलाओं और निहत्थे लोगों पर गोली चलाने का आरोप लगाया गया है। स्थानीय निवासी Sardar Aman Khan Kashmiri ने सुरक्षा एजेंसियों पर घरों की छतों से नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। वहीं, स्थानीय प्रशासन ने Joint Awami Action Committee (JAAC) को 5 जून, 2026 को Anti-Terrorism Act के तहत बैन कर दिया था।

अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने जताई चिंता

इस पूरे मामले पर UN High Commissioner for Human Rights के प्रवक्ता Jeremy Laurence ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि नागरिकों की आवाज दबाना और शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर रोक लगाना मानवाधिकारों का उल्लंघन है। Amnesty International ने भी 28 जुलाई, 2026 को मामले की निष्पक्ष जांच करने और संचार सेवाएं बहाल करने की मांग की है। वहीं, जम्मू में Rajiv Chuni के नेतृत्व में सैकड़ों विस्थापित लोगों ने प्रदर्शन किया और सरकार से इस स्थिति में दखल देने की अपील की है। भारत ने भी इन घटनाक्रमों को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और इसे मानवाधिकारों का बड़ा उल्लंघन बताया है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.