पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में हालात बहुत गंभीर हो गए हैं। वहां बिजली और आटे की बढ़ती कीमतों के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर सुरक्षा बलों ने फायरिंग कर दी। जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक S P Vaid ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि निहत्थे लोगों पर जिस तरह गोलियां चलाई गई हैं, वह जलियांवाला बाग हत्याकांड की याद दिलाता है।

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PoJK में हिंसा के दौरान अब तक क्या हुआ?

पिछले 48 घंटों में PoJK के अलग-अलग हिस्सों में तनाव काफी बढ़ गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान रेंजर्स और स्थानीय पुलिस की कार्रवाई में कम से कम 11 लोगों की मौत हुई है और 70 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। रावलकोट, मुजफ्फराबाद और भिंबर जैसे इलाकों में पूर्ण शटर-डाउन स्ट्राइक चल रही है। ब्रिटिश संसद के 50 से अधिक सदस्यों ने भी इस स्थिति पर चिंता जताई है और वहां के हालात सुधारने के लिए ब्रिटेन के विदेश सचिव को पत्र लिखा है।

सरकार ने प्रदर्शनों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए?

पाकिस्तान सरकार ने विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए सख्त रुख अपनाया है। अधिकारियों ने इस आंदोलन का नेतृत्व कर रही Joint Awami Action Committee (JAAC) को एक आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है। इसके साथ ही कई इलाकों में इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं को पूरी तरह बंद कर दिया गया है।

प्रमुख घटना विवरण
मृतकों की संख्या 11 लोग (रावलकोट और अन्य क्षेत्र)
घायलों की संख्या 70 से अधिक नागरिक
गिरफ्तारियां 70 से ज्यादा JAAC सदस्य हिरासत में
सुरक्षा बल पाकिस्तान आर्मी, रेंजर्स और पंजाब पुलिस तैनात
मुख्य मांगें सस्ता आटा, सस्ती बिजली और बुनियादी सुविधाएं

पूर्व डीजीपी S P Vaid का बड़ा बयान

पूर्व पुलिस अधिकारी S P Vaid ने कहा है कि पाकिस्तान सरकार अपने ही लोगों की जायज मांगें सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने कभी भी कश्मीरियों के कल्याण की परवाह नहीं की और अब वह आम नागरिकों को आतंकवादी बताकर उनकी आवाज दबा रहा है। प्रदर्शनकारी केवल बिजली, भोजन और शिक्षा जैसी बुनियादी जरूरतों की मांग कर रहे थे, लेकिन उन्हें गोलियों का सामना करना पड़ा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

PoJK में लोग प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं?

लोग बिजली की कमी, उच्च मुद्रास्फीति, बेरोजगारी और आटे जैसी बुनियादी चीजों पर सब्सिडी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

JAAC क्या है जिसे पाकिस्तान ने बैन किया है?

Joint Awami Action Committee (JAAC) एक नागरिक समाज गठबंधन है जो PoJK में अधिकारों के लिए विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रहा है।

क्या PoJK में अभी इंटरनेट सेवाएं चल रही हैं?

नहीं, मुजफ्फराबाद और रावलकोट सहित कई प्रमुख जिलों में संचार ठप करने के लिए इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com