पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (Azad Jammu and Kashmir) में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। रविवार, 7 जून 2026 को पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़पों में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई है। इस हिंसा के बाद सरकार ने इंटरनेट बंद कर दिया है और प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे संगठन के नेताओं पर देशद्रोह का मामला दर्ज कर बड़ा इनाम घोषित किया है। इस पूरे मामले पर मानवाधिकार संगठनों ने भी चिंता जताई है।
कश्मीर में हुई झड़प में कितने लोग मारे गए और क्या है मुख्य वजह?
पुंछ जिले के रावलाकोट शहर में हुए इस बवाल में पुलिस और आम लोगों के बीच आमने-सामने की जंग देखने को मिली। पुंछ जिले के कमिश्नर सरदार वाहिद खान के अनुसार, इस झड़प में चार पुलिसकर्मियों और एक राहगीर की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि जवाबी कार्रवाई में छह प्रदर्शनकारी मारे गए। पुलिस प्रमुख लियाकत मलिक ने बताया कि इस घटना में 23 सुरक्षाकर्मी और 50 प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं।
इस पूरे विवाद की मुख्य वजह जम्मू कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) नामक संगठन के प्रदर्शन हैं। यह संगठन बिजली और आटे पर सब्सिडी, भ्रष्टाचार की जांच और बुनियादी सुविधाओं में सुधार की मांग कर रहा था। कश्मीर सरकार ने 5 जून 2026 को इस संगठन पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिसके बाद गुस्साए लोगों ने सड़कों पर उतरकर भारी प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रशासन ने क्या सख्त कदम उठाए हैं और नेताओं पर कितना इनाम है?
- इंटरनेट और मोबाइल सेवा बंद: सरकार ने पूरे इलाके में 5 जून से 12 जून तक इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क को पूरी तरह बंद कर दिया है ताकि अफवाहों को फैलने से रोका जा सके।
- पर्यटकों के लिए एडवायजरी: पर्यटकों को 20 जून तक इस इलाके में न आने की सख्त सलाह दी गई है और पहले से मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए कहा गया है।
- देशद्रोह का मुकदमा और इनाम: सरकार ने जेएएसी के चार मुख्य नेताओं पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया है। इनके बारे में जानकारी देने वाले को 1 करोड़ रुपये (लगभग 35,951 डॉलर) का इनाम देने की घोषणा की गई है।
- सेना की तैनाती और गिरफ्तारियां: इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी संख्या में अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है और अब तक 70 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
इस बीच, एमनेस्टी इंटरनेशनल की डिप्टी रीजनल डायरेक्टर इसाबेल लासी ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया है। दूसरी तरफ, कश्मीर के प्रधानमंत्री फैसल मुमताज राठौर ने बातचीत की पेशकश तो की है, लेकिन साथ ही स्पष्ट किया है कि अशांति फैलाने वालों के साथ सरकार कोई समझौता नहीं करेगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में हालिया हिंसा का मुख्य कारण क्या है?
इसका मुख्य कारण जम्मू कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) द्वारा सब्सिडी, बुनियादी सुविधाओं और भ्रष्टाचार की जांच की मांग को लेकर किया जा रहा विरोध प्रदर्शन है, जिस पर सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया था।
सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था बहाल करने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
सरकार ने प्रभावित इलाकों में 12 जून तक इंटरनेट बंद कर दिया है, पर्यटकों के लिए ट्रैवल एडवायजरी जारी की है और प्रदर्शनकारी नेताओं पर देशद्रोह का मुकदमा चलाकर 1 करोड़ रुपये के इनाम की घोषणा की है।
