पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने 19 फरवरी 2026 को एक बेहद जरूरी संदेश जारी किया है। उन्होंने ईरान में मौजूद सभी पोलिश नागरिकों से तुरंत देश छोड़ने की अपील की है। यह चेतावनी मिडिल ईस्ट में तेजी से बिगड़ते सुरक्षा हालातों और बड़े सैन्य संघर्ष की आशंका को देखते हुए दी गई है। प्रधानमंत्री ने साफ कहा है कि वहां रुकना अब खतरे से खाली नहीं है और लोगों को बिना किसी देरी के निकल जाना चाहिए।

क्यों जारी की गई यह चेतावनी?

प्रधानमंत्री टस्क ने बताया कि सुरक्षित निकलने का समय बहुत कम बचा है और हालात तेजी से बदल रहे हैं। उन्होंने आशंका जताई है कि कुछ ही घंटों में औपचारिक निकासी शायद संभव न हो पाए। इसका मुख्य कारण क्षेत्र में अमेरिका द्वारा सैन्य हस्तक्षेप या इजराइल-ईरान संघर्ष बढ़ने का डर है। पोलैंड के विदेश मंत्रालय (MSZ) ने यात्रा चेतावनी को उच्चतम स्तर पर बढ़ा दिया है और किसी भी हाल में ईरान न जाने की सख्त सलाह दी है।

वहां फंसे लोगों के लिए क्या है निर्देश?

पोलैंड सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए कुछ कड़े निर्देश दिए हैं:

  • नागरिकों को ‘Odyseusz’ सिस्टम में तुरंत रजिस्ट्रेशन करने को कहा गया है ताकि उन तक मदद पहुंच सके।
  • लोगों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी उपलब्ध कमर्शियल फ्लाइट या सड़क मार्ग से तुरंत निकल जाएं।
  • विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि सुरक्षा स्थिति खराब होने के कारण दूतावास की मदद मिलने में अब काफी मुश्किल हो सकती है।

आम यात्रियों और फ्लाइट्स पर असर

इस बढ़ते तनाव का असर पर्शियन गल्फ की उड़ानों पर भी देखने को मिल सकता है। जानकारों का मानना है कि नागरिक उड्डयन सेवा में बड़ी बाधा आ सकती है। क्षेत्र से गुजरने वाली फ्लाइट्स में देरी हो सकती है, उन्हें रद्द किया जा सकता है या उनके रास्ते बदले जा सकते हैं। यह खबर गल्फ में रहने वाले अन्य विदेशी नागरिकों और वहां से यात्रा करने वालों के लिए भी सतर्क रहने का संकेत है, क्योंकि हवाई क्षेत्र बंद होने का खतरा बना हुआ है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.