भारत में बिजली मीटरों को स्मार्ट बनाने का काम अब और तेज होगा। Polaris Smart Metering कंपनी को British International Investment (BII) से 80 मिलियन डॉलर यानी करीब 710 करोड़ रुपये का फंड मिला है। इस पैसे का इस्तेमाल सबसे पहले पश्चिम बंगाल में लाखों स्मार्ट मीटर लगाने के लिए किया जाएगा, जिससे बिजली की सप्लाई और बिलिंग में पारदर्शिता आएगी।

इस भारी निवेश से आम लोगों को क्या फायदा होगा?

इस फंडिंग के जरिए पश्चिम बंगाल में 22 लाख से ज्यादा स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। इससे बिजली की रीडिंग लेने में होने वाली गलतियां कम होंगी और बिजली की चोरी या बर्बादी रुकेगी। BII की मैनेजिंग डायरेक्टर शिल्पा कुमार ने बताया कि स्मार्ट मीटर से बिजली सप्लाई ज्यादा भरोसेमंद होगी और सौर ऊर्जा जैसे अक्षय स्रोतों को सिस्टम से जोड़ना आसान हो जाएगा।

Polaris कंपनी की बड़ी योजनाएं और लक्ष्य

कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए 4,500 करोड़ रुपये का निवेश करने वाली है। इसके तहत राजस्थान में ‘Polaris Nova’ नाम की एक नई फैक्ट्री दिसंबर 2026 तक तैयार हो जाएगी। इस फैक्ट्री के शुरू होने के बाद कंपनी साल भर में 1 करोड़ स्मार्ट मीटर बनाने की ताकत रखेगी। फिलहाल कंपनी के पास उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और मणिपुर के लिए करीब 1.1 बिलियन डॉलर के ऑर्डर मौजूद हैं।

भारत सरकार का स्मार्ट मीटर मिशन क्या है?

यह पूरा काम सरकार की Revamped Distribution Sector Scheme (RDSS) के तहत हो रहा है। सरकार का लक्ष्य 2027 तक 25 करोड़ स्मार्ट मीटर लगाना था, लेकिन अब इस समय सीमा को मार्च 2028 तक बढ़ा दिया गया है। फरवरी 2026 तक देश भर में करीब 5.83 करोड़ स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं और हर दिन औसतन 1.35 लाख नए मीटर लगाए जा रहे हैं।

मुख्य जानकारी विवरण
कुल फंडिंग 80 मिलियन डॉलर (करीब 710 करोड़ रुपये)
निवेश करने वाली संस्था British International Investment (BII)
मुख्य लक्ष्य पश्चिम बंगाल में 22 लाख स्मार्ट मीटर लगाना
भारत सरकार का लक्ष्य मार्च 2028 तक 25 करोड़ स्मार्ट मीटर
नई फैक्ट्री Polaris Nova, राजस्थान (दिसंबर 2026 तक)
वर्तमान ऑर्डर बुक 1.1 बिलियन डॉलर
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.