IRNA न्यूज़ एजेंसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, Pope Leo XIV ने अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान के खिलाफ छेड़े गए युद्ध पर अपनी बात रखी है. उन्होंने इस गंभीर मुद्दे पर चर्च की नैतिक सत्ता और उसकी भूमिका को फिर से स्थापित करने की बात कही है. यह अंतरराष्ट्रीय मामला दुनिया भर में चर्चा का विषय बना हुआ है.

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Pope Leo XIV ने युद्ध पर क्या कहा?

रिपोर्ट के अनुसार, Pope Leo XIV ने अमेरिका और इसराइल के बीच चल रहे संघर्ष और ईरान के खिलाफ उनकी सैन्य कार्रवाई पर अपनी राय व्यक्त की है. उन्होंने इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच शांति की अपील की है. उनका मुख्य ध्यान युद्ध के असर को कम करने और मानवीय मूल्यों को बचाने पर है.

चर्च की नैतिक सत्ता की बहाली क्यों ज़रूरी है?

Pope Leo XIV का मानना है कि इस वैश्विक युद्ध के माहौल में चर्च को अपनी पुरानी नैतिक साख वापस लानी होगी. उनका लक्ष्य दुनिया में शांति स्थापित करने के लिए चर्च की आवाज़ को फिर से मज़बूत करना है. उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि चर्च को दुनिया के सामने एक मार्गदर्शक की तरह खड़ा होना चाहिए.

Sushma Kumari

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