Pope Leo XIV ने अपनी अफ्रीका यात्रा से लौटते समय एक भावुक बात साझा की। उन्होंने बताया कि वह अपने साथ एक मुस्लिम बच्चे की फोटो रखते हैं, जिसकी मौत इसराइल द्वारा लेबनान पर किए गए हमले में हुई थी। उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान पर छेड़े गए युद्ध की वजह से मासूम लोग बहुत ज़्यादा दुख झेल रहे हैं।

👉: US-Israel War on Iran: दो दिनों में खर्च हुए 5.6 अरब डॉलर, पैट्रियट मिसाइलों ने लगाया भारी खर्चा

Pope Leo XIV ने युद्ध और शांति पर क्या कहा?

पोप ने अपनी बातों में इस बात पर ज़ोर दिया कि एक पादरी होने के नाते वह युद्ध का समर्थन नहीं कर सकते। उन्होंने दुनिया से नफरत और बंटवारे को छोड़कर शांति की संस्कृति अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ चल रहे इस युद्ध ने आम जनता के जीवन को मुश्किल बना दिया है और मासूमों को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ रही है।

ईरान सरकार और मौत की सज़ा पर क्या बोले पोप?

शांति की बात करते हुए Pope Leo XIV ने ईरान सरकार द्वारा प्रदर्शनकारियों को मारे जाने की कड़ी निंदा की। उन्होंने मौत की सज़ा और इंसान की जान लेने वाले हर गलत काम का विरोध किया। इससे पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर भी लिखा था कि ईश्वर किसी भी लड़ाई को आशीर्वाद नहीं देता और बम गिराना किसी भी समस्या का हल नहीं है।

ईरान-इसराइल युद्ध और दुनिया पर इसका असर

यह युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था जब ईरान के सैन्य और सरकारी ठिकानों पर हवाई हमले किए गए थे। इसके जवाब में ईरान ने भी मिसाइल और ड्रोन से हमले किए। पोप ने बताया कि इस टकराव की वजह से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था में उथल-पुथल मची हुई है और आम लोगों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.