सऊदी अरब समर्थित प्रोजेक्ट मसाम ने यमन में चल रहे अपने राहत कार्यों के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। 4 जुलाई से 10 जुलाई 2026 के बीच टीम ने यमन के अलग-अलग इलाकों से 1,293 बारूदी सुरंगों और विस्फोटक सामग्रियों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में आम नागरिकों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना और उन्हें बारूदी खतरों से बचाना है।

🚨: अमेरिका ने लिया बड़ा फैसला, 14 जुलाई से ईरान के समुद्री जहाजों पर फिर से शुरू होगा नाकेबंदी का काम

विस्फोटक हटाने का ब्यौरा

प्रोजेक्ट मसाम की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, नष्ट किए गए विस्फोटकों में 2 एंटी-पर्सनल माइंस, 65 एंटी-टैंक माइंस, 1,218 अनएक्सप्लोडेड ऑर्डनेंस (UXO) और 8 इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइसेस (IEDs) शामिल थे। इन ऑपरेशन्स के दौरान 355,227 वर्ग मीटर भूमि को पूरी तरह से साफ कर दिया गया है ताकि लोग वहां सुरक्षित रूप से आ-जा सकें और किसान अपनी खेती का काम फिर से शुरू कर सकें।

अब तक का कुल काम

साल 2018 में शुरू हुए इस अभियान के बाद से अब तक प्रोजेक्ट मसाम ने कुल 573,625 विस्फोटक खतरों को खत्म किया है। संगठन ने यमन में अब तक 82.7 मिलियन वर्ग मीटर से अधिक जमीन को सुरक्षित बनाया है। यह अभियान किंग सलमान ह्यूमैनिटेरियन एड एंड रिलीफ सेंटर (KSrelief) की देखरेख में चलाया जा रहा है। ये ऑपरेशन अदन, हुदैदाह, हद्रमौत, हज्जा, लहेज, मारिब, शबवाह, ताइज़, अल धले, जौफ, सना, अल-बैदा और सादा जैसे कई गवर्नरट्स में किए जा रहे हैं। एक अनुमान के अनुसार, साल 2014 से अब तक हूतियों ने यमन में एक से दो मिलियन के करीब माइंस बिछाई हैं जिन्हें हटाने का काम लगातार जारी है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.