रमजान के पवित्र महीने में दुबई के उपराष्ट्रपति और शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम द्वारा शुरू किए गए ‘11.5: Edge of Life’ कैंपेन को भारी समर्थन मिल रहा है। हाल ही में Property Finder Group के फाउंडर और CEO माइकल लहयानी ने इस नेक काम के लिए 50 लाख दिरहम दान करने की घोषणा की है। इस कैंपेन का मकसद दुनिया भर के 50 लाख बच्चों को भुखमरी और कुपोषण से बचाना है। यह घोषणा बुर्ज खलीफा के अरमानी होटल में आयोजित एक सुहूर इवेंट के दौरान की गई।

क्या है ‘11.5: Edge of Life’ कैंपेन और इसका लक्ष्य?

यह कैंपेन दुनिया भर में कुपोषित बच्चों की जान बचाने के लिए शुरू किया गया है। 11.5 का मतलब 11.5 सेंटीमीटर है, जो 6 महीने से 5 साल तक के बच्चों की बांह की परिधि (MUAC) को मापने का पैमाना है। अगर यह 11.5 से कम हो, तो बच्चा गंभीर रूप से कुपोषित माना जाता है। इस कैंपेन का शुरुआती लक्ष्य 1 अरब दिरहम जुटाना था, लेकिन अब तक यह 1.5 अरब दिरहम से ज्यादा का फंड इकट्ठा कर चुका है।

किन कंपनियों और लोगों ने किया बड़ा दान?

माइकल लहयानी के अलावा कई बड़ी कंपनियों और संस्थाओं ने भी इस ग्लोबल इनिशिएटिव में हिस्सा लिया है। हाल ही में एक चैरिटी नीलामी में ‘DD 6’ नंबर प्लेट 3.7 करोड़ दिरहम में बिकी, जिसका पैसा भी इसी कैंपेन में जाएगा। नीचे कुछ मुख्य दानदाताओं की लिस्ट दी गई है:

संस्था या व्यक्ति का नाम दान की गई राशि
Property Finder / Michael Lahyani 50 लाख दिरहम
Dubai Duty Free 70 लाख दिरहम
ENOC Group 50 लाख दिरहम
Aga Khan Foundation 36.7 करोड़ दिरहम
IACAD 10 लाख दिरहम

आम लोग इस कैंपेन में कैसे मदद कर सकते हैं?

मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ग्लोबल इनिशिएटिव्स (MBRGI) के CEO सईद अल एटर ने बताया कि दुनिया में हर मिनट पांच बच्चे भुखमरी से जान गंवाते हैं। यूएई में रहने वाले प्रवासी और आम लोग भी इस अभियान में अपना योगदान दे सकते हैं। दान करने के लिए कई आधिकारिक रास्ते तय किए गए हैं:

  • SMS: 1034 पर ‘LIFE’ लिखकर भेजें (10 दिरहम दान) या 1035 पर भेजें (50 दिरहम दान)।
  • वेबसाइट: आधिकारिक वेबसाइट www.edgeoflife.ae पर जाकर ऑनलाइन पेमेंट करें।
  • टोल फ्री नंबर: 800 4999 पर कॉल करके जानकारी लें और मदद करें।
  • डिजिटल ऐप्स: DubaiNow या Jood.ae प्लेटफॉर्म का उपयोग करके सीधे फंड ट्रांसफर करें।
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.