मदीना की मस्जिद-ए-नबवी में आने वाले जायरीन और नमाजियों के लिए एक बहुत बड़ी सुविधा शुरू की गई है। सऊदी सरकार ने मस्जिद के आंगन में एक आधुनिक एयर-कूलिंग सिस्टम लगाया है ताकि लोग भीषण गर्मी में भी सुकून से इबादत कर सकें। यह पूरी व्यवस्था श्रद्धालुओं की राहत और आराम को ध्यान में रखकर बनाई गई है। SPAENG ने 14 मई 2026 को इस जानकारी को साझा किया है।
मस्जिद के आंगन में लगी ऑटोमैटिक छतरियों का क्या है कमाल
मस्जिद के आंगन में करीब 250 ऑटोमैटिक छतरियां लगाई गई हैं। हर एक छतरी में 436 मिस्टिंग पंखे लगे हैं, जिनमें 16 स्प्रे आउटलेट्स दिए गए हैं। ये आउटलेट्स पानी की हल्की बौछार करते हैं जिससे आसपास का तापमान काफी कम हो जाता है। इन छतरियों की मदद से एक समय में 2 लाख 28 हजार से ज्यादा लोग धूप से बच सकते हैं। एक कंट्रोल रूम से इन छतरियों को मौसम के हिसाब से मैनेज किया जाता है।
इतना ठंडा तापमान कैसे बना रहता है
इस कूलिंग सिस्टम के पीछे एक बहुत बड़ा प्लांट है जो मस्जिद से 7 किलोमीटर दूर स्थित है। यह प्लांट 70,000 स्क्वायर मीटर में फैला है और इसमें दुनिया का सबसे बड़ा वॉटर-कूलिंग कंडेनसर लगा है। यहाँ 6 शक्तिशाली चिलर लगे हैं, जिनमें से हर एक की क्षमता 3,400 टन है और ये पानी को 5 डिग्री सेल्सियस तक ठंडा करते हैं। यह ठंडा पानी 151 एयर हैंडलिंग यूनिट्स के जरिए मस्जिद के खंभों में लगे पाइपों तक पहुँचाया जाता है, जिससे पूरी मस्जिद में एक जैसा तापमान बना रहता है।
सिस्टम की अन्य खास विशेषताएं
- यह पूरा सिस्टम इंटेलिजेंट है, जो बाहर के तापमान को देखकर कूलिंग लेवल को अपने आप एडजस्ट कर लेता है।
- ताजी हवा के संचार के लिए मस्जिद के गुंबदों को जरूरत के हिसाब से खोला और बंद किया जाता है।
- हवा को साफ रखने के लिए इसमें एडवांस प्यूरीफिकेशन तकनीक लगाई गई है, जो हवा से 95 प्रतिशत अशुद्धियों को हटा देती है।
- General Authority for the Care of the Affairs of the Prophet’s Mosque के इंजीनियर और तकनीशियन इसकी लगातार देखरेख करते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मस्जिद-ए-नबवी के कूलिंग सिस्टम का प्रबंधन कौन करता है
इसका संचालन और रखरखाव General Authority for the Care of the Affairs of the Prophet’s Mosque और General Presidency for the Affairs of the Grand Mosque and the Prophet’s Mosque द्वारा किया जाता है।
आंगन में लगी छतरियां कितने लोगों को कवर करती हैं
मस्जिद के आंगन में लगी 250 ऑटोमैटिक छतरियां एक साथ 2,28,000 से अधिक नमाजियों और जायरीनों को छाया और ठंडक प्रदान करती हैं।
