मदीना की मस्जिद-ए-नबवी में हज 1447 के मौके पर आने वाले जायरीन के लिए सऊदी सरकार ने बड़ी तैयारी की है. बुजुर्गों और दिव्यांग लोगों को चलने-फिरने में आसानी हो, इसके लिए हज़ारों की संख्या में व्हीलचेयर और इलेक्ट्रिक कार्ट लगाए गए हैं. यह पूरी व्यवस्था जायरीन के सफर को आरामदायक और आसान बनाने के लिए की गई है.

🚨: US और Iran के बीच पाकिस्तान करा रहा बीच-बचाव, कतर ने दिया पूरा साथ, अब शांति की उम्मीद

व्हीलचेयर और इलेक्ट्रिक कार्ट की कितनी सुविधा मिलेगी?

General Authority for the Care of the Affairs of the Prophet’s Mosque ने बताया कि मस्जिद और उसके आंगन में 4,700 व्हीलचेयर तैनात की गई हैं. इन्हें गेट मैनेजमेंट ऑफिस और सर्विस पॉइंट्स से लिया जा सकता है. वहीं, इलेक्ट्रिक कार्ट के जरिए रोज़ाना 8,000 से ज़्यादा बुजुर्गों और दिव्यांगों को बाहरी आंगन में पहुँचाया जा रहा है. इलेक्ट्रिक कार्ट के लिए अब इलेक्ट्रॉनिक बुकिंग सिस्टम भी शुरू किया गया है ताकि जायरीन को इंतज़ार कम करना पड़े. मैन्युअल व्हीलचेयर के लिए एग्जिट नंबर 309 और 343 जैसे पॉइंट्स पर फ्री लोन सर्विस उपलब्ध है.

मस्जिद-ए-नबवी में अन्य क्या खास इंतज़ाम हैं?

  • मस्जिद परिसर में 180 लिफ्ट और 156 एस्केलेटर लगाए गए हैं, जिनमें से 24 एस्केलेटर मस्जिद के अंदर हैं.
  • दिव्यांगों के लिए अलग से 62 टॉयलेट बनाए गए हैं और अंडरग्राउंड पार्किंग में उनके वाहनों के लिए अलग जगह तय की गई है.
  • नेत्रहीनों के लिए ब्रेल लिपि में कुरान, अनुवादित खुतबे और डिजिटल मैप की सुविधा दी गई है.
  • भीड़ को संभालने और अलग-अलग भाषाओं में मदद करने के लिए 7,500 से ज़्यादा फील्ड स्टाफ तैनात किए गए हैं.
  • मुख्य प्रवेश द्वारों के पास विशेष प्रार्थना क्षेत्र, व्हीलचेयर फ्रेंडली रास्ते और रैम्प बनाए गए हैं.

Frequently Asked Questions (FAQs)

व्हीलचेयर कहाँ से मिल सकती हैं?

मैन्युअल व्हीलचेयर एग्जिट नंबर 309 और 343 जैसे खास पॉइंट्स से फ्री में ली जा सकती हैं और इन्हें गेट मैनेजमेंट ऑफिस से भी लिया जा सकता है.

क्या इलेक्ट्रिक कार्ट के लिए बुकिंग करनी होगी?

हाँ, इंतज़ार के समय को कम करने के लिए अधिकारियों ने इलेक्ट्रिक कार्ट के लिए अब एक इलेक्ट्रॉनिक बुकिंग सिस्टम शुरू किया है.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.