अमेरिका में राष्ट्रपति Donald Trump की नीतियों और ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध को लेकर जबरदस्त विरोध देखने को मिल रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, देश के सभी 50 राज्यों और दुनिया के करीब 16 देशों में लाखों लोग सड़कों पर उतर आए हैं। यह विरोध प्रदर्शन ईरान के साथ जारी सैन्य कार्रवाई को तुरंत रोकने और राष्ट्रपति के इस्तीफे की मांग को लेकर किया जा रहा है। प्रदर्शनों के बावजूद व्हाइट हाउस ने इसे कोई खास तवज्जो नहीं दी है और इसे केवल एक थेरेपी सत्र बताया है।
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विरोध प्रदर्शन और युद्ध से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी
- अमेरिका के सभी 50 राज्यों में ‘No Kings’ आंदोलन के तहत 3300 से ज्यादा रैलियां आयोजित की गईं।
- आयोजकों के मुताबिक, इस विरोध प्रदर्शन में लगभग 80 से 90 लाख लोगों ने हिस्सा लिया है।
- वॉशिंगटन डीसी, न्यूयॉर्क और लॉस एंजिल्स जैसे बड़े शहरों में लोगों की भारी भीड़ जमा हुई है।
- व्हाइट हाउस की प्रवक्ता Abigail Jackson ने इन प्रदर्शनों को मामूली बताते हुए खारिज कर दिया है।
- ईरान के खिलाफ शुरू हुए इस सैन्य अभियान को आज 30 दिन पूरे हो चुके हैं।
आम जनता और सरकार का इस पर क्या रुख है?
राष्ट्रपति Trump का कहना है कि ईरान पर की गई सैन्य कार्रवाई से अमेरिका और भी ज्यादा सुरक्षित और मजबूत हुआ है। उन्होंने दावा किया है कि इस युद्ध में उनकी जीत हुई है और ईरान की सैन्य शक्ति को काफी नुकसान पहुंचा है। दूसरी तरफ, अमेरिका की आम जनता युद्ध के कारण बढ़ती महंगाई और ईंधन की कीमतों को लेकर चिंता में है। हाल के सर्वे बताते हैं कि अधिकतर लोग इस सैन्य कदम के खिलाफ हैं और उन्हें लगता है कि सरकार ने ईरान की प्रतिक्रिया का सही आकलन नहीं किया है।
