अमेरिका और कनाडा के कई शहरों में ईरान और लेबनान में चल रहे युद्ध के विरोध में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए हैं। लोग सड़कों पर उतरकर इस संघर्ष को तुरंत रोकने की मांग कर रहे हैं। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, 9 अप्रैल 2026 को हुए इन प्रदर्शनों में भारी भीड़ देखी गई है। यह स्थिति तब बनी है जब मिडिल ईस्ट में सीजफायर की कोशिशें बहुत नाजुक दौर में हैं और इजरायल के हमलों से लेबनान में बड़ी संख्या में लोग जान गंवा रहे हैं।

सीजफायर और संघर्ष से जुड़ी बड़ी बातें

  • अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ दो हफ्ते के सीजफायर का ऐलान किया था लेकिन इसमें लेबनान शामिल नहीं है।
  • इजरायल ने पिछले 24 घंटों में लेबनान पर भीषण हवाई हमले किए हैं जिनमें 250 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर है।
  • ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर लेबनान पर हमले जारी रहे तो वह सीजफायर समझौते से बाहर निकल जाएगा।
  • हिजबुल्लाह ने इजरायल की तरफ रॉकेट दागकर कहा है कि उन्हें हमलों का जवाब देने का पूरा अधिकार है।
  • संयुक्त राष्ट्र ने लेबनान की स्थिति को भयानक बताते हुए कहा है कि वहां तबाही का मंजर बढ़ता जा रहा है।

समुद्री रास्तों और सुरक्षा पर क्या हुआ असर

ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही के लिए नए रास्ते तय किए हैं। ईरानी नेवी ने जहाजों को सलाह दी है कि वे समुद्री सुरंगों के खतरे से बचने के लिए उनके साथ तालमेल बिठाकर चलें। इस तनाव की वजह से समुद्री रास्तों पर स्थिति काफी अनिश्चित बनी हुई है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और वहां से यात्रा करने वालों के लिए यह चिंता का विषय है क्योंकि तनाव बढ़ने से तेल की कीमतों और सप्लाई चेन पर सीधा असर पड़ता है। ब्रिटेन और सऊदी अरब जैसे देश भी इस मुद्दे पर बातचीत कर रहे हैं ताकि शांति बहाल की जा सके।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.