पाकिस्तान की राजनीति में भूचाल, इमरान खान के अस्पताल ट्रांसफर को लेकर सरकार पर सुप्रीम कोर्ट की अवमानना का केस दर्ज.

Sushma Kumari22 August 20263 min read48 viewsWorld
पाकिस्तान की राजनीति में भूचाल, इमरान खान के अस्पताल ट्रांसफर को लेकर सरकार पर सुप्रीम कोर्ट की अवमानना का केस दर्ज.

पाकिस्तान की राजनीति में इन दिनों उथल-पुथल मची हुई है और पूर्व प्रधानमंत्री Imran Khan के स्वास्थ्य को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। 22 अगस्त 2026 को पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ यानी PTI पार्टी और इमरान खान की बहन Dr. Uzma Khan ने देश के सुप्रीम कोर्ट में सरकार के खिलाफ अवमानना यानी कंटेंप्ट याचिका दायर की है। यह पूरा मामला जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री को एक सरकारी अस्पताल में शिफ्ट करने और अदालत के आदेशों की कथित अवहेलना से जुड़ा है, जिससे देश का राजनीतिक माहौल काफी गर्म हो गया है।

अदालत के आदेश के बावजूद सरकारी अस्पताल भेजने पर विवाद

यह कानूनी कदम तब उठाया गया जब राज्य प्रशासन ने जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को एक निजी अस्पताल ले जाने के बजाय सरकारी Pakistan Institute of Medical Sciences (PIMS) में भर्ती करा दिया। इससे पहले 18 अगस्त 2026 को सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय बेंच ने एक साफ आदेश दिया था कि इमरान खान को अदियाला जेल से निकालकर निजी Shifa International Hospital में भेजा जाए। अदालत का निर्देश था कि वहां एक मल्टीडिसिप्लिनरी मेडिकल बोर्ड उनकी जांच करेगा और इस दौरान उनकी बहन तथा निजी फिजिशियन Dr. Faisal Sultan भी वहां मौजूद रहेंगे, लेकिन सरकार ने इस आदेश का पालन नहीं किया।

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याचिका में इन बड़े नेताओं और अधिकारियों के नाम शामिल

इस नई याचिका को एडवोकेट Uzair Karamat Bhandari और PTI के महासचिव Salman Akram Raja द्वारा दायर किया गया है। इसमें आरोप लगाया गया है कि सरकार ने अदालत के आदेश की जानबूझकर और मनमाने ढंग से अवहेलना की है। इस याचिका में प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif, कानून मंत्री Azam Nazeer Tarar, सूचना मंत्री Attaullah Tarar, पूर्व इस्लामाबाद मुख्य आयुक्त लेफ्टिनेंट Sohail Ashraf, गृह सचिव Ahmed Raza Sarwar, पंजाब जेलों के महानिरीक्षक Mian Salik Jalal और अदियाला जेल अधीक्षक Sajid Baig को नामजद किया गया है। याचिका में मांग की गई है कि कोर्ट इन सभी लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी करे और इन्हें अदालत की अवमानना का दोषी ठहराते हुए इमरान खान को तुरंत तयशुदा निजी अस्पताल में ट्रांसफर करने का आदेश दे। इसके साथ ही, डॉ. उजमा खान ने यह भी आरोप लगाया है कि उनके भाई ने जेल के अंदर बार-बार प्रताड़ित किए जाने की बात कही है।

सरकार ने सुरक्षा कारणों का दिया हवाला

सरकारी अधिकारियों ने अदालत के आदेश से हटने के पीछे सुरक्षा संबंधी वजहों का हवाला दिया है। सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने बताया कि शिफा इंटरनेशनल अस्पताल के रास्ते में PTI कार्यकर्ताओं की वजह से सुरक्षा का बड़ा जोखिम था, इसलिए खान को PIMS में शिफ्ट करना जरूरी हो गया था। उन्होंने यह भी जोड़ा कि PIMS की मेडिकल टीम ने इमरान खान को चिकित्सकीय रूप से फिट घोषित कर दिया है। इससे पहले 19 अगस्त को सरकार ने इस आदेश के खिलाफ एक समीक्षा याचिका दायर करने की कोशिश की थी, जिसमें दलील दी गई थी कि किसी सजायाफ्ता कैदी का इलाज निजी सुविधा में करना Pakistan Prison Rules of 1978 के खिलाफ है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार ने कागजात अधूरे होने के कारण 20 अगस्त को उस दस्तावेज को वापस लौटा दिया था। अब मौजूदा अवमानना याचिका में अदालत से यह भी अनुरोध किया गया है कि न्यायिक आदेश के सही से पालन की देखरेख के लिए किसी कोर्ट ऑफिसर या स्थानीय आयोग की नियुक्ति की जाए।

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