पुणे एयरपोर्ट पर दुबई जाने वाले यात्रियों को एक बड़ी मुसीबत का सामना करना पड़ा। स्पाइसजेट की उड़ान SG-51 तकनीकी और परिचालन कारणों की वजह से 9 घंटे से अधिक लेट हो गई। यात्री रात भर पुणे हवाई अड्डे पर फंसे रहे और उन्हें भोजन और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिलीं, जिससे लोगों में काफी नाराजगी देखी गई।

ℹ️: Saudi Arabia Air Quality: सऊदी अरब में हवा की सेहत को लेकर आया नया अपडेट, रियाद और जेद्दा के लोग जरूर पढ़ें यह रिपोर्ट.

स्पाइसजेट की उड़ान SG-51 में क्यों हुई इतनी बड़ी देरी?

स्पाइसजेट की पुणे-दुबई उड़ान SG-51 को 1 जून, 2026 की रात 8:50 बजे प्रस्थान करना था। लेकिन यह उड़ान आखिरकार 2 जून, 2026 की सुबह लगभग 6:15 बजे दुबई के लिए रवाना हो सकी। स्पाइसजेट ने इस देरी का मुख्य कारण तकनीकी और परिचालन संबंधी रखरखाव की समस्याओं को बताया है। ग्राउंड स्टाफ ने यात्रियों को अलग-अलग कारण बताए, जिसमें दिल्ली से आने वाले विमान की देरी और दुबई एयरपोर्ट पर परिचालन संबंधी दिक्कतें शामिल थीं।

यात्रियों ने लगाया लापरवाही और सुविधाएं न देने का आरोप

हवाई अड्डे पर फंसे यात्रियों का आरोप है कि एयरलाइन ने उन्हें समय पर स्पष्ट जानकारी नहीं दी। उड़ान के समय में लगातार बदलाव किए गए। अंकित मिश्रा सहित कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर की और बताया कि उन्हें भोजन और पानी जैसी बुनियादी जरूरतें भी समय पर नहीं दी गईं। कई यात्रियों को एयरपोर्ट पहुंचने के बाद ही इस देरी के बारे में पता चला जिससे उनकी परेशानी बहुत बढ़ गई।

Frequently Asked Questions (FAQs)

स्पाइसजेट की पुणे-दुबई उड़ान में कितनी देरी हुई थी?

स्पाइसजेट की उड़ान SG-51 निर्धारित समय से लगभग 9 घंटे से अधिक की देरी से रवाना हुई। यह उड़ान 1 जून की रात 8:50 बजे के बजाय 2 जून की सुबह 6:15 बजे रवाना हुई।

एयरलाइन ने उड़ान में देरी के क्या कारण बताए?

स्पाइसजेट ने इस देरी के लिए तकनीकी खराबी और परिचालन व रखरखाव से जुड़ी समस्याओं को जिम्मेदार ठहराया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.