पंजाब में लगा सबसे बड़ा सोलर प्लांट, Solidus ने किया चालू, हर साल बनेगी 85 मिलियन यूनिट बिजली

Solidus Techno Power Private Limited ने पंजाब के फ़ाज़िलका में राज्य का सबसे बड़ा सोलर प्रोजेक्ट चालू कर दिया है। यह 40 MW / 60 MWp क्षमता का प्रोजेक्ट है जिसे कैप्टिव ओपन एक्सेस पॉलिसी के तहत तैयार किया गया है। यह कदम उद्योगों को साफ बिजली देने और पर्यावरण को बचाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

सोलर प्लांट से पर्यावरण और बिजली को क्या लाभ होगा?

यह प्रोजेक्ट Aarti International Ltd और Aarti Steel International Limited के लिए बनाया गया है। इससे हर साल करीब 85 मिलियन यूनिट साफ बिजली का उत्पादन होगा। पर्यावरण के लिहाज से देखें तो इस प्लांट की मदद से हर साल 80,000 टन से ज्यादा CO₂ उत्सर्जन कम होगा, जिससे प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी।

PSERC के नए नियम और बिजली बैंकिंग का क्या मतलब है?

पंजाब स्टेट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (PSERC) ने इंट्रा-स्टेट ओपन एक्सेस नियमों में बदलाव के लिए मार्च 2026 में एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया था। इसमें ग्रीन एनर्जी और कैप्टिव यूजर्स के लिए नियमों को और साफ किया गया है। बिजली बैंकिंग के नए नियमों के अनुसार, एनर्जी को 1 जून से 31 मई तक के सेटलमेंट पीरियड के दौरान महीने-दर-महीने आगे बढ़ाया जा सकेगा। अगर इस अवधि के अंत तक बिजली इस्तेमाल नहीं हुई, तो वह लैप्स हो जाएगी और उसका कोई पैसा नहीं मिलेगा।

प्रोजेक्ट और रेगुलेटरी बॉडी की मुख्य जानकारी क्या है?

इस बड़े प्रोजेक्ट का विकास Solidus Techno Power Private Limited ने किया है और यह पंजाब के फ़ाज़िलका इलाके में स्थित है। PSERC इस पूरे सिस्टम को रेगुलेट करता है ताकि कैप्टिव ओपन एक्सेस पॉलिसी का सही तरीके से पालन हो सके और औद्योगिक क्षेत्रों में डीकार्बोनाइजेशन को बढ़ावा मिल सके।