रूस और ईरान की दोस्ती अब और गहरी होती दिख रही है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ बातचीत की और ईरान के लोगों की हिम्मत की जमकर तारीफ की। पुतिन ने कहा कि अमेरिका और इसराइल के दबाव के बावजूद ईरान ने अपनी आजादी और संप्रभुता के लिए बहादुरी दिखाई।

पुतिन और अराघची की मुलाकात में क्या खास रहा

यह मुलाकात 27 और 28 अप्रैल 2026 के आसपास हुई थी। राष्ट्रपति Putin ने ईरान के लोगों के संघर्ष को ‘वीरतापूर्ण’ बताया। उन्होंने साफ किया कि रूस उन सभी कामों को करने के लिए तैयार है जिससे क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति आए और ईरान के हितों की रक्षा हो सके। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने इस समर्थन के लिए रूस का शुक्रिया अदा किया और कहा कि मुश्किल समय में रूस एक सच्चे सहयोगी की तरह ईरान के साथ खड़ा है।

रूस और ईरान के बीच रणनीतिक साझेदारी और सुरक्षा

रूस के विदेश मंत्री Sergei Lavrov ने इन बातचीत को बहुत उपयोगी और रचनात्मक बताया। वहीं, मॉस्को में ईरान के राजदूत Kazem Jalali ने जानकारी दी कि इस मीटिंग में अंतरराष्ट्रीय सहयोग, क्षेत्रीय हालात और द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान के खिलाफ की गई कार्रवाइयों और उससे जुड़ी सुरक्षा समस्याओं पर भी बात हुई।

  • खास संदेश: राष्ट्रपति पुतिन ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei के लिए एक संदेश भेजा।
  • रणनीतिक लक्ष्य: पुतिन ने इस बात पर जोर दिया कि रूस और ईरान के बीच रणनीतिक साझेदारी को आगे जारी रखा जाएगा।
  • क्षेत्रीय शांति: रूस ने क्षेत्र के सभी देशों के हितों को ध्यान में रखते हुए शांति बनाए रखने की बात कही।

Frequently Asked Questions (FAQs)

राष्ट्रपति पुतिन ने ईरान की तारीफ क्यों की?

पुतिन ने अमेरिका और इसराइल के दबाव के बावजूद अपनी आजादी और संप्रभुता के लिए लड़ने वाले ईरान के लोगों की हिम्मत और वीरता की तारीफ की।

इस बैठक में किन मुख्य मुद्दों पर चर्चा हुई?

इस मुलाकात में अंतरराष्ट्रीय सहयोग, क्षेत्रीय विकास, द्विपक्षीय संबंधों और अमेरिका व इसराइल की कार्रवाइयों से जुड़ी सुरक्षा समस्याओं पर चर्चा हुई।