रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बड़ा बयान देकर सबको चौंका दिया है। सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम (SPIEF) में बोलते हुए पुतिन ने साफ किया कि रूस ने मिडिल ईस्ट में चल रहे मौजूदा संघर्ष के दौरान ईरान को कोई भी हथियार सप्लाई नहीं किया है। पुतिन का कहना है कि ईरान की तरफ से भी ऐसे किसी हथियार की मांग नहीं की गई थी। इस बयान ने दुनिया भर के देशों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

📰: रूस ने ईरान को नहीं दिए कोई हथियार, पुतिन ने किया साफ़ इनकार, जानिए खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव के बीच क्या है पूरा मामला

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने बातचीत पर क्या कहा?

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने एक इंटरव्यू में बताया कि रूस चाहता है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत बनी रहे। उन्होंने कहा कि इस बातचीत में पाकिस्तान, सऊदी अरब और मिस्र जैसे देश मध्यस्थ की भूमिका निभा सकते हैं। रूस फारस की खाड़ी (Persian Gulf) के लिए एक नए सुरक्षा प्लान पर भी काम कर रहा है। इसके साथ ही पुतिन ने ईरान के यूरेनियम को रूस में सुरक्षित रखने का पुराना प्रस्ताव भी दोहराया है और कहा कि इस पर बातचीत खुली है।

पुराने दावों और रूस-ईरान के रिश्तों का पूरा सच

पुतिन का यह बयान कुछ पुराने दावों से थोड़ा अलग दिखता है। इससे पहले मार्च 2026 में रूस के विदेश मंत्री लावरोव ने माना था कि सैन्य और तकनीकी सहयोग के तहत रूस ने ईरान को कुछ सैन्य उपकरण दिए थे। वहीं, पश्चिमी देशों की सुरक्षा एजेंसियों ने जनवरी 2026 में दावा किया था कि ईरान ने रूस को 4 अरब डॉलर से ज्यादा के ड्रोन और मिसाइलें दी थीं। हालांकि, यूक्रेन युद्ध के कारण रूस सीधे तौर पर किसी सैन्य भागीदारी से बचता नजर आया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

पुतिन ने ईरान को हथियार देने के बारे में क्या बयान दिया है?

राष्ट्रपति पुतिन ने साफ किया है कि रूस ने वर्तमान मिडिल ईस्ट संकट के दौरान ईरान को कोई हथियार नहीं दिए हैं और न ही ईरान ने ऐसी कोई मांग की है।

रूस ने ईरान के यूरेनियम को लेकर क्या प्रस्ताव दिया है?

रूस ने अपना पुराना प्रस्ताव दोबारा दोहराया है कि वह ईरान के समृद्ध यूरेनियम (enriched uranium) को अपने यहाँ सुरक्षित रखने के लिए तैयार है।