रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने वैश्विक तेल बाजार में सहयोग के लिए सऊदी अरब का आभार जताया है। सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम (SPIEF) के दौरान दोनों देशों के बड़े नेताओं और मंत्रियों ने मुलाकात की है। इस बैठक में वैश्विक तेल बाजार को स्थिर बनाए रखने और चुनौतियों से निपटने के लिए आपसी सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की गई है।

सेंट पीटर्सबर्ग आर्थिक मंच में मंत्रियों की अहम बैठक

सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सलमान अल सऊद और रूस के उप प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर नोवाक ने सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम में एक खास सत्र में हिस्सा लिया। प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सलमान ने कहा कि दुनिया को ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऊर्जा के हर स्रोत और स्थिरता की जरूरत है। रूसी उप प्रधानमंत्री नोवाक ने भी उनकी इस बात का समर्थन किया और बाजार की अनिश्चितताओं को लेकर अपनी राय रखी।

ओपेक प्लस (OPEC+) देशों का तेल उत्पादन को लेकर फैसला

सऊदी अरब और रूस सहित ओपेक प्लस के सात सदस्य देशों ने जून 2026 से कच्चे तेल के उत्पादन में प्रतिदिन 188,000 बैरल की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। यह फैसला तेल बाजार को स्थिर रखने के साझा प्रयासों का हिस्सा है। ओपेक प्लस गठबंधन के प्रमुख देशों में सऊदी अरब, रूस, इराक, कुवैत, कजाकिस्तान, अल्जीरिया और ओमान शामिल हैं। ये सभी देश लगातार बाजार की स्थितियों की समीक्षा के लिए हर महीने बैठकें कर रहे हैं, और अगली बैठक 7 जून 2026 को तय की गई है।

पुतिन ने पहले भी की थी सऊदी अरब के सहयोग की तारीफ

इससे पहले 15 जनवरी 2026 को भी रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने ओपेक प्लस के तहत रूस और सऊदी अरब के सहयोग की सराहना की थी। उन्होंने कहा था कि इस आपसी तालमेल की वजह से ही वैश्विक तेल बाजार स्थिर बना हुआ है। अब जून 2026 की बैठक और उत्पादन में बदलावों के बीच रूस ने एक बार फिर सऊदी अरब के प्रति आभार व्यक्त किया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

रूस और सऊदी अरब के बीच तेल को लेकर क्या समझौता हुआ है?

सऊदी अरब और रूस सहित सात ओपेक प्लस देशों ने जून 2026 से कच्चे तेल के उत्पादन में 188,000 बैरल प्रतिदिन की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है, ताकि तेल बाजार को स्थिर रखा जा सके।

ओपेक प्लस देशों की अगली बैठक कब होगी?

बाजार की स्थिति की समीक्षा करने और अगले कदम उठाने के लिए ओपेक प्लस देशों की अगली मासिक बैठक 7 जून 2026 को होने जा रही है।