रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के बीच एक बहुत ज़रूरी फोन कॉल हुआ. इस बातचीत में दोनों नेताओं ने मिडिल ईस्ट और खासकर ईरान के हालात पर चर्चा की. पुतिन ने ईरान के साथ युद्धविराम (ceasefire) को आगे बढ़ाने के ट्रंप के फैसले की तारीफ की और इसे सही कदम बताया.
पुतिन और ट्रंप की बातचीत में क्या खास रहा?
क्रेमलिन ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि यह फोन कॉल 29 अप्रैल 2026 को हुआ था. पुतिन के डिप्लोमैटिक सलाहकार Yuri Ushakov के मुताबिक, दोनों नेताओं ने मिडिल ईस्ट और खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर गहराई से बात की. यह बातचीत करीब 90 मिनट तक चली और इसे काफी दोस्ताना और व्यावहारिक बताया गया. इस दौरान पुतिन ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी अपने कुछ विचार और सुझाव साझा किए.
ईरान और लेबनान के हालातों पर क्या चर्चा हुई?
राष्ट्रपति पुतिन ने ट्रंप द्वारा ईरान के साथ युद्धविराम की अवधि बढ़ाने के फैसले का समर्थन किया. पुतिन का मानना था कि इस फैसले से बातचीत के नए रास्ते खुलेंगे और पूरे क्षेत्र में शांति और स्थिरता आएगी. वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने लेबनान में युद्धविराम को टूटने से बचाने के प्रयासों पर चर्चा की. उन्होंने इस समस्या को ईरान और हिज़्बुल्लाह के साथ चल रहे विवादों से जोड़कर देखा ताकि इलाके में तनाव कम किया जा सके.
Frequently Asked Questions (FAQs)
पुतिन और ट्रंप की बातचीत कितनी देर तक चली?
रूस और अमेरिका के नेताओं के बीच यह फोन कॉल 90 मिनट से ज्यादा समय तक चला और इसे काफी सकारात्मक बताया गया.
पुतिन ने ईरान के मामले में ट्रंप के किस फैसले का समर्थन किया?
पुतिन ने ईरान के साथ युद्धविराम (ceasefire) की समय सीमा बढ़ाने के ट्रंप के फैसले का समर्थन किया ताकि बातचीत के जरिए स्थिरता लाई जा सके.