दोहा के Hamad International Airport (HIA) और Qatar Airways ने मिलकर यात्रियों के लिए ‘Fast Pass’ नाम की एक नई बायोमेट्रिक सर्विस शुरू की है। इस सर्विस का मकसद एयरपोर्ट पर यात्रियों के सफर को और भी आसान और तेज बनाना है। अब यात्रियों को बार-बार कागजात दिखाने की जरूरत नहीं होगी और वे सिर्फ अपने चेहरे की पहचान से आगे बढ़ सकेंगे।
इस सिस्टम को SITA कंपनी की तकनीक से बनाया गया है। एयरपोर्ट पर करीब 700 से ज्यादा जगहों पर इसे लागू किया गया है। यात्री चेक-इन के समय अपनी बायोमेट्रिक प्रोफाइल बना सकते हैं, जिसके बाद वे एयरपोर्ट के अलग-अलग चेकपॉइंट्स पर चेहरे की पहचान (Facial Recognition) का इस्तेमाल कर सकेंगे। यह सर्विस पूरी तरह से optional है, यानी जो लोग इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहते, वे पुराने तरीके से भी अपनी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
कौन ले सकता है इस सुविधा का लाभ
यह सर्विस फिलहाल उन Qatar Airways यात्रियों के लिए उपलब्ध है जिनकी उम्र 18 साल या उससे ज्यादा है, जिनके पास वैध पासपोर्ट है और जिनकी यात्रा दोहा से शुरू हो रही है। फिलहाल यह सुविधा दिव्यांग यात्रियों के लिए उपलब्ध नहीं है, लेकिन भविष्य में इसे शामिल करने की योजना है।
रजिस्ट्रेशन करने का तरीका
यात्री दो तरीकों से इस सर्विस के लिए खुद को रजिस्टर कर सकते हैं:
- Qatar Airways App: यात्री ऐप के जरिए एक बार प्री-रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, जिसका इस्तेमाल बाद की उड़ानों में होगा।
- एयरपोर्ट कियोस्क: यात्रा के दिन यात्री डिपार्चर एरिया के Row 3 में लगे सेल्फ-सर्विस कियोस्क पर जाकर अपना पासपोर्ट स्कैन कर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। सामान जमा करने वाले यात्री यहाँ से बैग टैग प्रिंट कर सकते हैं और बिना सामान वाले यात्री सीधे सिक्योरिटी स्क्रीनिंग पर जा सकते हैं।
कहाँ होगा चेहरे का इस्तेमाल
एक बार रजिस्ट्रेशन होने के बाद, यात्री निम्नलिखित जगहों पर अपने चेहरे को ही बोर्डिंग पास की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं:
- सेल्फ-सर्विस बैग ड्रॉप काउंटर
- ऑटोमेटेड सिक्योरिटी गेट
- बोर्डिंग गेट
डेटा की सुरक्षा और जरूरी निर्देश
डेटा सुरक्षा के लिए एयरपोर्ट कियोस्क से किए गए रजिस्ट्रेशन की जानकारी फ्लाइट छूटने के 24 घंटे बाद अपने आप डिलीट कर दी जाती है। ऐप के जरिए रजिस्ट्रेशन करने वालों का डेटा उनके अपने डिवाइस में रहता है और केवल यात्रा के समय एयरपोर्ट के साथ शेयर किया जाता है।
यात्रियों को यह सलाह दी गई है कि वे अपना असली पासपोर्ट हमेशा साथ रखें। इमिग्रेशन, ई-गेट्स या बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन में किसी भी तकनीकी समस्या आने पर पासपोर्ट की जरूरत पड़ सकती है।
