कतर की राजधानी दोहा में स्थित मिडिल ईस्ट की पहली केवल महिलाओं के लिए बनी मस्जिद Al-Mujadilah Centre के कार्यक्रमों पर क्षेत्रीय तनाव का असर पड़ा है। 13 मार्च 2026 को मिली जानकारी के अनुसार अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध की वजह से यहाँ होने वाली कई गतिविधियों को रोक दिया गया है। रमजान के इस पवित्र महीने में यह मस्जिद महिलाओं के लिए इबादत का मुख्य केंद्र बनी हुई है लेकिन सुरक्षा कारणों से सामूहिक कार्यक्रमों और अंतरराष्ट्रीय रिसर्च प्रोग्राम में कटौती की गई है।

मस्जिद के नियम और खास व्यवस्थाएं

यह मस्जिद और रिसर्च सेंटर Education City में स्थित है जिसे Qatar Foundation की Sheikha Moza bint Nasser की देखरेख में बनाया गया है। यहाँ की व्यवस्थाएं पूरी तरह से महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर तय की गई हैं।

  • यहाँ पुरुषों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित है, केवल अनुमति मिलने पर आर्किटेक्चर टूर संभव है
  • शांति बनाए रखने के लिए 9 साल से कम उम्र के बच्चों का प्रवेश यहाँ वर्जित है
  • नमाज और तरावीह का नेतृत्व पूरी तरह महिला इमाम और स्कॉलर्स द्वारा किया जाता है
  • यहाँ की लाइब्रेरी में महिलाओं की भूमिका और इस्लामिक इतिहास पर 8,000 से अधिक पुस्तकें हैं
  • नमाज के लिए एंट्री फ्री है लेकिन कुछ वर्कशॉप के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी होता है

युद्ध का असर और वर्तमान स्थिति

28 फरवरी 2026 से ईरान के साथ शुरू हुए युद्ध के 14वें दिन कतर में भी सुरक्षा अलर्ट जारी है। इस वजह से यहाँ के सामुदायिक आयोजनों पर सीधा असर पड़ा है।

गतिविधि वर्तमान स्थिति
नमाज और इबादत नियमित रूप से जारी
सामूहिक इफ्तार सुरक्षा कारणों से सीमित
जदल एनुअल समिट अगले आदेश तक स्थगित
लाइब्रेरी और कैफे सीमित घंटों के लिए खुला

Diller Scofidio + Renfro द्वारा डिजाइन की गई इस मस्जिद की छत पर 5,500 लाइट कोन्स लगे हैं जो प्राकृतिक रोशनी प्रदान करते हैं। अल-जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान परिस्थितियों में यहाँ बड़े जमावड़े पर रोक है लेकिन महिलाएं शांति से इबादत के लिए यहाँ आ सकती हैं।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.