कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026 को फोन पर बातचीत की. इस बातचीत का मुख्य मकसद ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्धविराम (ceasefire) को बनाए रखना और इलाके में शांति लाना था. इसमें पाकिस्तान की भूमिका अहम बताई गई है, जो दोनों देशों के बीच मध्यस्थता कर रहा है.

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ट्रंप और कतर के अमीर की बातचीत में क्या खास रहा?

अमीरी दीवान से मिली जानकारी के मुताबिक, दोनों नेताओं ने इस बात पर चर्चा की कि क्षेत्र में शांति कैसे कायम रखी जाए. उन्होंने समुद्री सुरक्षा और दुनिया भर में सामान की सप्लाई चेन पर पड़ने वाले असर पर भी बात की. अमीर शेख तमीम ने साफ किया कि तनाव को कम करना जरूरी है और उन्होंने शांतिपूर्ण समाधान के लिए पाकिस्तान की कोशिशों का पूरा समर्थन किया. वहीं, व्हाइट हाउस ने बताया कि अमेरिकी अधिकारी बातचीत को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं.

ईरान और अमेरिका के बीच ceasefire और बातचीत की क्या स्थिति है?

अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम 8 अप्रैल 2026 से लागू हुआ था. इसके बाद पाकिस्तान के इस्लामाबाद में शांति वार्ता का पहला दौर हुआ, लेकिन उससे कोई नतीजा नहीं निकला. कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने 21 अप्रैल को कहा था कि जब तक कोई स्थायी समाधान नहीं मिलता, इस ceasefire को आगे बढ़ाना चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) बंद होता है, तो यह संकट को और बढ़ा देगा.

शांति लाने के लिए कौन-कौन से देश और अधिकारी जुटे हैं?

  • अमेरिका: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ जेरेड कुशनर और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के पाकिस्तान जाने की उम्मीद है.
  • ईरान: विदेश मंत्री अब्बास अराघची 25 अप्रैल को इस्लामाबाद पहुंचे, हालांकि ईरान ने अमेरिका के साथ सीधी बातचीत से इनकार किया है.
  • कतर: कतर ने साफ कर दिया है कि वह मुख्य मध्यस्थ (lead mediator) नहीं बनेगा, लेकिन बातचीत में मदद करता रहेगा.
  • अन्य देश: तुर्की और मिस्र ने सुझाव दिया है कि बातचीत के लिए इस्लामाबाद की जगह दोहा या इस्तांबुल को नया केंद्र बनाया जा सकता है.