कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी और लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन के बीच मंगलवार, 21 अप्रैल 2026 को फोन पर बातचीत हुई। इस कॉल के दौरान दोनों नेताओं ने लेबनान की मौजूदा स्थिति और क्षेत्र में हो रही हलचलों पर विस्तार से चर्चा की। कतर ने एक बार फिर लेबनान की संप्रभुता और उसकी सुरक्षा के लिए अपना पूरा समर्थन देने की बात कही है।
कतर और लेबनान की बातचीत में किन बातों पर हुआ ज़ोर?
फोन कॉल के दौरान अमीर शेख तमीम ने लेबनान के हालात के बारे में जानकारी ली। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि कतर लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करता है और उसे हर संभव मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है। राष्ट्रपति जोसेफ औन ने कतर की इस मदद और लगातार मिल रहे समर्थन के लिए अमीर का शुक्रिया अदा किया।
मिडल ईस्ट में शांति के लिए क्या कोशिशें हो रही हैं?
दोनों नेताओं ने उन अंतरराष्ट्रीय कोशिशों पर भी बात की जिनसे इलाके में तनाव को कम किया जा सके। उनका मुख्य मकसद मिडल ईस्ट में सुरक्षा और स्थिरता को मज़बूत करना है। इससे पहले 16 अप्रैल को कतर ने लेबनान में सीजफायर का स्वागत किया था और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता की तारीफ की थी।
लेबनान की मदद के लिए कतर ने क्या कदम उठाए हैं?
कतर ने लेबनान की मदद के लिए आर्थिक सहायता भी दी है। जनवरी 2026 में अमीर के निर्देश पर कतर ने 434 मिलियन डॉलर से ज़्यादा की विकास और मानवीय सहायता का ऐलान किया था। इस पैकेज से करीब 15 लाख लोगों को फायदा मिला, जिसमें बिजली सेक्टर, शिक्षा और लेबनानी सेना को मज़बूत करने के लिए फंड शामिल था।
