कतर और मिस्र ने बढ़ाई दोस्ती, गाजा शांति और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर हुई अहम बैठक

कतर और मिस्र के बीच आपसी रिश्तों को मजबूत करने के लिए हाल ही में एक बड़ी बैठक आयोजित की गई है। गुरुवार, 20 अगस्त 2026 को कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलमान अल थानी ने अलमीन और काहिरा का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मिस्र के बड़े अधिकारियों से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर लंबी चर्चा की। यह बैठक कतर-मिस्र संयुक्त उच्च समिति के सातवें सत्र से ठीक पहले हुई है, जिसमें दोनों देशों के नेताओं ने आपसी संबंधों को और आगे ले जाने का फैसला किया है। इस मुलाकात के दौरान कतर के प्रधानमंत्री ने मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सीसी को कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी का संदेश और शुभकामनाएं पहुंचाईं।
व्यापार और निवेश में भारी बढ़ोतरी
मिस्र के राष्ट्रपति ने दोनों देशों की मजबूत होती साझेदारी की तारीफ की और कहा कि मिस्र कतर के निवेश का स्वागत करने के लिए पूरी तरह तैयार है। पिछले साल यानी 2025 में दोनों देशों के बीच व्यापार में 80 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली थी। इस आर्थिक सुधार और व्यापारिक रिश्तों को और आगे बढ़ाने के लिए मिस्र के विदेश मंत्री बद्रे अब्देलती ने बताया कि दोनों देश हर दिन आपस में मिलकर काम कर रहे हैं। इसके अलावा, स्वेज नहर आर्थिक क्षेत्र में सस्टेनेबल जेट-फ्यूल बनाने की नई परियोजना पर भी काम चल रहा है, जो दोनों देशों की सफलता को दिखाता है। मिस्र के प्रधानमंत्री मुस्तफा मदबौली भी इस बैठक में शामिल रहे और दोनों पक्षों ने ऊर्जा, कृषि, खाद्य सुरक्षा, श्रम और कॉस्युलर मामलों में मिलकर काम करने पर जोर दिया। इस बारे में अधिक जानकारी Egyptian State Information Service की आधिकारिक वेबसाइट पर भी दी गई है।
क्षेत्रीय सुरक्षा और गाजा पर विशेष चर्चा
बैठक में केवल व्यापार ही नहीं बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा और गाजा के हालात पर भी गंभीर बातचीत हुई। दोनों देशों ने गाजा की स्थिति को लेकर लगातार आपसी तालमेल बनाए रखने का फैसला किया है। नेताओं ने अमेरिकी राष्ट्रपति की शांति योजना का समर्थन किया और इजराइल से अपील की कि वह तय किए गए रास्तों और नियमों का पालन करे। इसके साथ ही, वेस्ट बैंक और यरुशलम में बढ़ती अशांति पर भी चिंता जताई गई। अधिकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि बस्तियों का विस्तार करना और अल-अक्सा मस्जिद के पास उकसावे वाली हरकतें करना ठीक नहीं है। समुद्री सुरक्षा के मामले में दोनों नेताओं ने माना कि लाल सागर की सुरक्षा सबकी साझा जिम्मेदारी है। इसके अलावा, कतर के प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित रखना जरूरी है और किसी भी तरह के शोषण या ब्लैकमेल से बचाना चाहिए। दोनों देशों ने खाड़ी देशों पर ईरानी हमलों की कड़ी निंदा की और सूडान की अखंडता तथा हॉर्न ऑफ अफ्रीका की स्थिरता का समर्थन किया है। इस संबंध में कतर के विदेश मंत्रालय की पूरी रिपोर्ट Qatari Ministry of Foreign Affairs पर उपलब्ध है।