कतर सरकार ने सरकारी कार्यालयों में काम करने के तरीके में बड़ा बदलाव किया है। कतर कैबिनेट के जनरल सेक्रेटेरियट द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार, अब सरकारी दफ्तरों में ‘रिमोट वर्क’ यानी घर से काम करने की सीमा तय कर दी गई है। नए नियम के मुताबिक, किसी भी सरकारी संस्था में कुल कर्मचारियों की संख्या का अधिकतम 70 प्रतिशत हिस्सा ही घर से काम कर सकेगा। बाकी बचे 30 प्रतिशत कर्मचारियों को अपने कार्यस्थल पर उपस्थित होना अनिवार्य होगा। यह नया नियम सोमवार, 9 मार्च 2026 से लागू हो जाएगा और अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।

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किन लोगों को मिलेगी घर से काम करने में प्राथमिकता?

सरकार ने स्पष्ट किया है कि घर से काम करने की अनुमति देते समय कुछ खास वर्ग के लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसमें कामकाजी माताएं और दिव्यांग व्यक्ति शामिल हैं। हालांकि, यह छूट तभी मिलेगी जब इससे दफ्तर के काम पर कोई बुरा असर न पड़े। यह नियम सभी मंत्रालयों, सरकारी एजेंसियों और सार्वजनिक निकायों पर लागू होता है। इसके साथ ही, कतर सेंट्रल बैंक (QCB) ने भी देश के सभी वित्तीय संस्थानों को इसी 70-30 के फार्मूले को अपनाने का निर्देश दिया है, ताकि कामकाज सुचारू रूप से चलता रहे।

किन विभागों को ऑफिस आना जरूरी है?

सुरक्षा और जरूरी सेवाओं को ध्यान में रखते हुए कुछ क्षेत्रों को इस रिमोट वर्क सिस्टम से बाहर रखा गया है। सेना, सुरक्षा बलों और स्वास्थ्य क्षेत्र के कर्मचारियों पर यह नियम लागू नहीं होगा और उन्हें अपनी ड्यूटी पर मौजूद रहना होगा। इसके अलावा, ऐसे प्रशासनिक कर्मचारी जिनका काम ऑफिस में रहकर ही हो सकता है, उन्हें भी छूट नहीं मिलेगी। अधिकारियों ने बताया कि यह फैसला क्षेत्रीय हालात और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। पहले पूर्ण रूप से घर से काम करने के निर्देश थे, लेकिन अब धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर लौटने के लिए 30 प्रतिशत कर्मचारियों की वापसी शुरू की गई है।