कतर की सुरक्षा एजेंसियों ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) से जुड़े दो जासूसी गिरोहों का पर्दाफाश किया है। इस मामले में कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिन्होंने राज्य के खिलाफ साजिश रचने की बात मानी है। यह पूरा मामला क्षेत्रीय तनाव के बीच सामने आया है जहां कतर अपनी सुरक्षा को लेकर काफी सतर्क है।
🚨: Qatar Security Update: ईरान के दो जासूसी गिरोह पकड़े गए, ड्रोन से हमले और जासूसी की थी पूरी तैयारी।
गिरफ्तारी और जासूसी का पूरा मामला क्या है?
कतर की स्टेट सिक्योरिटी सर्विस ने मार्च के पहले हफ्ते में दो अलग-अलग सेल को पकड़ा था। गिरफ्तार किए गए 10 लोगों में से 7 पर जासूसी का आरोप है। इनका मुख्य काम कतर के महत्वपूर्ण और सैन्य ठिकानों की गोपनीय जानकारी जुटाकर ईरान को भेजना था। बाकी 3 लोगों को तोड़-फोड़ करने के लिए तैयार किया गया था और उन्हें ड्रोन चलाने की विशेष ट्रेनिंग भी दी गई थी।
जांच के दौरान पकड़े गए सभी सदस्यों ने स्वीकार किया कि वे ईरान के IRGC के लिए काम कर रहे थे। अधिकारियों ने उनके पास से संचार उपकरण, संवेदनशील डेटा और कई सैन्य ठिकानों के लोकेशन मैप भी बरामद किए हैं।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल गिरफ्तार लोग | 10 |
| जासूसी करने वाले सदस्य | 7 |
| तोड़-फोड़ की योजना बनाने वाले | 3 |
| दी गई ट्रेनिंग | ड्रोन चलाने का प्रशिक्षण |
| संबंधित संस्था | IRGC (ईरान) |
हाल ही में ईरान और कतर के बीच क्या तनाव रहा?
अप्रैल महीने में दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। 8 अप्रैल को कतर के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी कि उन्होंने ईरान की तरफ से दागी गई 7 बैलिस्टिक मिसाइलों और कई ड्रोन को सफलतापूर्वक हवा में ही मार गिराया। यह हमला अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम की घोषणा के बाद हुआ था।
इस घटना के बाद कतर ने संयुक्त राष्ट्र (UN) सुरक्षा परिषद को दो पत्र भेजे। इन पत्रों में कतर ने शिकायत की कि 2, 3, 5 और 6 अप्रैल को ईरान ने उसके इलाकों में ड्रोन और मिसाइल हमले किए थे। कतर ने इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बताया और सुरक्षा परिषद से इस मामले में कड़े कदम उठाने की मांग की है।
